सफीदों में निजी अस्पताल के संचालक डॉ. विकास शर्मा की चाकू घोंपकर हत्या करने के मुख्य आरोपी करनाल जिले के गांव जयसिंहपुरा निवासी प्रदीप उर्फ नन्हा को मुठभेड़ के बाद काबू कर लिया गया है। आरोपी की पुलिस के साथ रविवार शाम साढ़े सात बजे नरवाना में रेलवे पुल के पास मुठभेड़ हुई थी। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ने विकास से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम नहीं देने पर हत्या की आशंका है। जांच में एक महिला का नाम भी सामने आ रहा है। आरोपी से पूछताछ की जानी है।
एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि सीईए को सूचना मिली थी कि डॉ. विकास की हत्या का मुख्य आरोपी इस समय नरवाना में रेलवे पुल के पास है और कहीं भागने की फिराक में है। इस पर सीआईए की टीम ने आरोपी की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी प्रदीप ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें टीम के सदस्य बाल-बाल बचे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के घुटने में गोली लगी है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को काबू कर लिया। फिलहाल आरोपी के बयान नहीं हो सके हैं।
आरोपी ने पुलिस पर किए तीन फायर
एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर तीन गोलियां चलाईं। जवाब में पुलिस ने चेतावनी देते हुए दो हवाई फायर किए, तीसरी गोली आरोपी के घुटने में लगी है।
कई जिलों में एक दर्जन से अधिक मामले हैं दर्ज
नरवाना के डीएसपी कमलदीप राणा ने बताया कि हत्या आरोपी प्रदीप पर करनाल, जींद, पानीपत समेत कई जिलों में एक दर्जन से अधिक हत्या, लूट, डकैती और रंगदारी के मामले दर्ज हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे काबू किया गया है।
घायल अस्पताल संचालक के बयान दर्ज
सफीदों के एसएचओ दिनेश कुमार ने बताया है कि डॉ. विकास की हत्या में आरोपी लीलावती अस्पताल के संचालक अनिल और उसके साले यशपाल उर्फ हैप्पी के रविवार को बयान दर्ज किए गए हैं। पूछताछ में फिलहाल आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताया है। मामले की जांच चल रही है।
मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। जांच में एक महिला का नाम भी सामने आ रहा है। आरोपी से पूछताछ की जानी है, उसके बाद मामले का खुलासा होगा। अन्य आरोपियों को दबोचने के लिए दबिश दी जा रही है। -कुलदीप सिंह, एसपी जींद