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CET Exam: पहले दिन का एग्जाम समाप्त, 6 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, जानें पूरी डिटेल

Sat, 26 Jul 2025 08:31 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो चंडीगढ़

सार

सीईटी की परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों में गजब का उत्साह देखा गया। वहीं, प्रशासन के इंतजाम भी पुख्ता थे। अभ्यर्थियों को पूरी जांच के बाद एग्जाम सेंटर में एंट्री मिली। शनिवार को दो पालियों में परीक्षा का आयोजन हुआ। डिटेल में पढ़ें खबर...
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सीईटी एग्जाम के लिए लाइनों में लगे अभ्यर्थी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा में सीईटी ( संयुक्त पात्रता परीक्षा) का पहला दिन शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। राज्य के किसी भी परीक्षा केंद्र से कोई बड़ी खामी या गड़बड़ी की सूचना नहीं है। सुबह और शाम की दोनों पाली में कुल 2674 परीक्षा केंद्रों पर छह लाख 75 हजार 51 परीक्षार्थियों की व्यवस्था की गई थी। इनमें 90 फीसदी परीक्षार्थियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज की गई है। करीब छह लाख सात हजार 546 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। वहीं, आठ जिलों के कुछ केंद्रों में बायोमीट्रिक उपस्थिति को लेकर खामी भी देखने को मिली। 
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सीएम ने बनाई रखी नजर 

हालांकि किसी को भी परीक्षा देने से रोका नहीं गया। उधर, मुख्यमंत्री भी पूरे दिन एग्जाम की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। मुख्यमंत्री आवास से ही वे अधिकारियों से पल-पल परीक्षा केंद्रों का फीडबैक लेते रहे। वहीं, सोनीपत और पलवल में परीक्षा देने जा रही दो महिला परीक्षार्थियों की सड़क हादसे में मौत हो गई।

सीईटी की परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों में गजब का उत्साह देखा गया। परीक्षा दस बजे शुरू होनी थी, मगर अधिकतर बच्चे केंद्र पर आठ बजे तक पहुंच गए थे। वहीं, परिवहन विभाग ने भी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक छोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कोई दुविधा या परेशानी नहीं रही। नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। गहन जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर जाने दिया गया। परीक्षार्थियों के जूते उतराकर जांच की गई। परीक्षा केंद्रों के बाहर ही युवतियों व महिलाओं की चूड़ियां, पायल, घड़ी और धागे भी उतरवाए गए।
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सभी जिलों में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों, बस स्टैंड्स व अन्य आवश्यक स्थलों का निरीक्षण किया। हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी निगरानी, फ्लाइंग स्क्वॉड्स, ड्यूटी मजिस्ट्रेट व नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह का व्यवधान न आए। वहीं, कई परीक्षा केंद्रों पर इंटरनेट बंद भी रहा।

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने भी कई परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। मीडियाकर्मियों से बातचीत में हिम्मत सिंह ने दावा किया कि परीक्षा में लगभग 90 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित हुए हैं। इससे पहले 50 से 60 प्रतिशत की औसत रही है।

अभ्यर्थियों को जांच के बाद एग्जाम सेंटर में मिली एंट्री - फोटो : अमर उजाला
हली शिफ्ट खत्म होने के बाद कुछ शहरों में लगा जाम

पहली शिफ्ट खत्म होने के बाद कुछ शहरों में जाम भी देखने को मिला। दरअसल पहली शिफ्ट खत्म होने और दूसरी शिफ्ट के परीक्षार्थियों के आने से शहरों में जाम की स्थिति बनी। गुरुग्राम, चंडीगढ़, सोनीपत, हिसार जैसे शहरों में दोपहर के वक्त जाम रहा। अंबाला-चंडीगढ़ रूट पर भी दोपहर के दौरान गाड़ियों की गति धीमी देखी गई। हालांकि गृह विभाग की ओर से ट्रैफिक पुलिस को पहले से ही अगाह कर दिया था कि जाम की स्थिति न बने। ट्रैफिक चौराहों व परीक्षा केंद्रों के बाहर ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी तैनात रहे और जाम खुलवाने में जुटे रहे।

अब आगे क्या?

एचएसएससी चेयरमैन हिम्मत सिंह ने बताया, आंसर की परीक्षा के तुरंत बाद जारी कर दी जाएगी। वहीं, परीक्षा के बाद उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार त्रुटियां ठीक करने के लिए पोर्टल खोल दिया जाएगा। इसके तहत उन अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान किया जाएगा, जो आवेदन में अपनी श्रेणी नहीं भर पाए थे। इस प्रकार से अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी शिफ्ट करने का अवसर मिलेगा। उसके बाद ही परिणाम घोषित किया जाएगा। जो अभ्यर्थी आवेदन की औपचारिकताएं पूर्ण नहीं कर पाए थे सिर्फ उन्हीं को एडमिट कार्ड नहीं मिला है। उन्होंने यूट्यूबर्स को एक बार फिर से आगाह किया है कि वे पेपरों का रविवार तक विश्लेषण न करें। यदि कोई करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इन परीक्षा केंद्रों पर दिखी छिटपुट खामियां

हिसार : पांच छात्राओं ने आरोप लगाया कि भिवानी केंद्र में उन्हें जबरन गलत ओएमआर शीट दी गई। साथ ही सेक्टर-16, 17 स्थित परीक्षा केंद्र पर एक सिख युवक को कड़ा पहन कर जाने से रोका गया। जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े थे तो कुछ केंद्रों के बाहर जैमर ठीक से काम नहीं कर रहे थे। अभिभावक केंद्रों के बाहर धड़ल्ले से मोबाइल का उपयोग करते दिखे।

महेंद्रगढ़ : निजी स्कूल के तीन परीक्षा केंद्रों पर क्यूआर कोड स्कैन न होने के कारण परीक्षा करीब 15 मिनट की देरी से शुरू हुई।

रोहतक : दो स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीन खराब हो गई। ऐसे में एक स्कूल में सूची से मिलान के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया। इसी तरह से फतेहाबाद में भी बायोमीट्रिक मशीन में खराबी देखी गई।

चरखी दादरी : सुबह की शिफ्ट में परीक्षा केंद्र पर पहुंचे महेंद्रगढ़ निवासी पुरुष अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र पर महिला का फोटो प्रकाशित मिला। स्टाफ ने उसका ब्योरा सत्यापित कराया तो सारा सही मिला। इसके बाद उक्त अभ्यर्थी को परीक्षा दिलाई गई।

नारनौल : बलाना के निजी स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर एक ही रोल नंबर के दो परीक्षार्थी पहुंच गए। ऐसे में सूची में शामिल नाम वाले परीक्षार्थी को ही प्रवेश दिया गया। नारनौल के लघु सचिवालय में बनाए गए कंट्रोल रूम में करीब 220 परीक्षार्थियों ने शिकायत की। इनमें बायोमीट्रिक हाजिरी, बसों की जानकारी सहित अन्य शिकायतें शामिल थीं।
 

अभ्यर्थी एग्जाम देने के लिए बसों में जाते हुए - फोटो : अमर उजाला
जुड़वा परीक्षार्थियों की वजह से हुआ संशय

सिरसा व यमुनानगर में जुड़वां बच्चों की वजह से पुलिस को शक हुआ और उनका सत्यापन कराया। सिरसा में फतेहाबाद के जुड़वा भाई कृष्ण और गोपी को वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया। दोनों की शक्ल हूबहू है। इनमें एक भाई का पेपर आज है तो दूसरे का कल है। वहीं, यमुनानगर में आठ जुड़वा भाई व बहन को लेकर पूछताछ की गई। पुलिस को शक था कि वह एक दूसरे की जगह सीईटी देने आए होंगे या फिर उन्होंने परीक्षार्थी को नकल करवाने में मदद की। 

बच्चों को पुलिस की ओर से उठाए जाने के बाद उनके माता-पिता भी सीआईए में पहुंच गए जहां लोगों में पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर रोष देखा गया। पुलिस ने पहली शिफ्ट की परीक्षा खत्म होने के बाद डीएवी गर्ल्स कॉलेज, जीएनजी कॉलेज, एमएलएन कॉलेज और डीएवी सीसे. स्कूल से आठ जुड़वा बच्चों को पकड़ा। दरअसल सीईटी परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों को कड़ी चेकिंग के बाद ही अंदर जाने दिया गया। चेकिंग के बाद सभी परीक्षार्थियों की फोटो खीचीं गई और फिंगर प्रिंट भी स्कैन किए गए जिस साफ्टवेयर की मदद से परीक्षा को नकल रहित करना था उसकी पकड़ में जुड़वा बच्चों का डाटा आ गया। क्योंकि जिन परीक्षार्थियों की परीक्षा शाम को या फिर अगले दिन होनी थी उनके चेहरे सुबह की शिफ्ट में परीक्षा देने रहे युवाओं से मेल खा रहे थे। ऐसे जितने भी मामले पकड़ में आए उन सभी का डाटा सर्वर रूम में भेजा गया। जहां से जिला प्रशासन को अलर्ट किया गया जब तक उन्हें पकड़ नहीं लिया गया तब तक परीक्षा केंद्रों से किसी भी परीक्षार्थी को बाहर नहीं जाने दिया गया। ऐसे में परीक्षा देकर आए बच्चों को करीब 25 मिनट तक अंदर ही रहना पड़ा।

करनाल में 53 परीक्षा केंद्रों पर, पानीपत के 29 केंद्रों पर, अंबाला में 19 केंद्रों पर और कैथल में पहले चरण की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। इस दौरान इन जिलों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं देखी गई। किसी केंद्र पर नकल व उपद्रव संबंधी कोई समाचार नहीं मिला। फिलहाल दूसरे चरण की परीक्षा जारी है।रोहतक में पहले दिन कितने अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी इसकी प्रशासन ने पुष्टि नहीं की। रोहतक में पहले दिन कुछ परीक्षा केंद्रों पर बॉयोमीट्रिक हाजिरी बड़ी परेशानी रही। कुछ केंद्रों पर सुबह हाजिरी नहीं लग पाई। इसके लिए परीक्षा के डेढ़ घंटे बाद तक उम्मीदवारों को केंद्र में ही रुकना पड़ा। एजेंसी के कर्मचारियों की जानकारी का अभाव परीक्षार्थियों को झेलना पड़ा। जींद में मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों ने नाराजगी जाहिर की। परीक्षार्थियों को ही केंद्र में प्रवेश दिया गया। साथ आए या अन्य किसी को भी केंद्र के बाहर नहीं रुकने दिया गया। नकल का कोई मामला अब तक सामने नहीं आया है।

त्रिस्तरीय चेकिंग के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष तक जाने की इजाजत दी गई। कोई भी इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस नकल के लिए ले जाने में सफल न हो पाए, इसके लिए गहने तक उतरवा दिए गए। परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में कोई भी अनधिकृत व्यक्ति दाखिल नहीं हो पा रहा था।
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अभ्यर्थियों की जांच करते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
करनाल में दो को पेपर की फोटो लेते पकड़ा

परीक्षा केंद्र पंडित चिंरजीलाल राजकीय कॉलेज के बाहर पुलिस ने दो लोगों को पेपर के मोबाइल से फोटो लेने पर पकड़ लिया। बाद में फोटो डिलीट करवाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं, जींद के डीएवी स्कूल में बने केंद्र पर एक विद्यार्थी को दूसरे की जगह परीक्षा देने के शक में पकड़ा गया, जिसे बाद में पूछताछ कर छोड़ दिया गया।

एक अन्य सवाल के जवाब में चेयरमैन श्री हिम्मत सिंह ने कहा कि परीक्षा के उपरांत माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार पोर्टल को ओपन किया जाएगा और उन अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान किया जाएगा, जो आवेदन में अपनी श्रेणी नहीं भर पाए थे। इस प्रकार से अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी शिफ्ट करने का अवसर मिलेगा। इसके उपरांत ही परिणाम घोषित होगा। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जो अभ्यर्थी आवेदन की औपचारिकताएं पूर्ण नहीं कर पाए उन्हीं को एडमिट कार्ड नहीं मिला है। चेयरमैन ने परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद अभ्यर्थियों व उनके अभिभावकों से बातचीत की। सभी अभिभावकों ने व्यवस्था को लेकर अपनी संतुष्टि जताई।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 26 और 27 जुलाई को आयोजित CET परीक्षा के लिए कुल 13 लाख 48 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जारी किए गए हैं। परीक्षा दो दिनों में चार शिफ्टों में आयोजित की जा रही है। पहले दिन दो शिफ्टों में परीक्षा का आयोजन किया गया। पहली शिफ्ट में 1338 परीक्षा केंद्रों पर 3,37,790 अभ्यर्थियों के लिए जबकि दूसरी शिफ्ट में 1336 केंद्रों पर 3,37,261 अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था की गई हैं। इस प्रकार कुल 2674 परीक्षा केंद्रों पर पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई।

प्रवक्ता ने बताया कि सभी जिलों में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं परीक्षा केंद्रों, बस स्टैंड्स व अन्य आवश्यक स्थलों का निरीक्षण किया। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा विशेष बस सेवाओं की व्यवस्था की गई, जिससे अभ्यर्थियों को सुविधा हुई और वे सरकार की तैयारियों से संतुष्ट नजर आए।

हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी निगरानी, फ्लाइंग स्क्वॉड्स, ड्यूटी मजिस्ट्रेट तथा नोडल अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार योग्य युवाओं को बिना सिफारिश, बिना खर्च और बिना पर्ची के सरकारी नौकरियों का अवसर देने के अपने संकल्प को साकार कर रही है। सीईटी परीक्षा उसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
प्रवक्ता ने बताया कि 27 जुलाई को भी CET परीक्षा के अगले चरण का आयोजन होगा, जिसमें शेष अभ्यर्थी शामिल होंगे। कुल दो दिनों में 13.48 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की गई है।

श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि आज उन्होंने प्रदेश के चार जिलों के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया है। इस दौरान परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से बातचीत भी हुई है। सभी लोग व्यवस्थाओं को लेकर संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के अलावा प्रशासन ने इस परीक्षा को करने में बेहतरीन व्यवस्था की है। इस परीक्षा के आयोजन को लेकर ऐसा लग रहा है कि पूरा हरियाणा एक टीम के रूप में कार्य कर रहा हैं।
 
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