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तीन साल में जिले को मिलेगा नहरी पेयजल

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जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय । संवाद - फोटो : Jind
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शहर के लोगों को नहरी पेयजल मिलने में अभी तीन साल का समय और लगेगा। मानसून विधानसभा सत्र के दौरान प्रदेश सरकार ने जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी है। करीब तीन साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जींद में नहरी पेयजल परियोजना की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक इसके लिए जमीन नहीं मिल पाई है।
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मिड्ढा ने विधानसभा के मानसून सत्र में जींद शहर के पीने के पानी की परियोजना की जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में सरकार की तरफ से बताया गया कि इसके लिए 130 एकड़ भूमि की तलाश जींद नगर परिषद या साथ लगती पंचायतों से की जानी थी। जमीन उपलब्ध नहीं होने पर दो बड़े जलघर बनाने का फैसला लिया गया है। इसके तहत किनाना गांव में 93 एकड़ भूमि को चिन्हित किया गया है। परियोजना के तहत 30 क्यूसिक पानी की व्यवस्था भी कर ली गई है। झांझ, बडौदी, अहिरका, बरसोला में 219 एकड़ भूमि ई-पोर्टल पर अपलोड की गई है। अब सरकार द्वारा जल्द ही किसानों की जमीन का अवार्ड घोषित कर जींद में नहरी जल पर आधारित जलघर बना कर जल्द से जल्द पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि तीन साल के अंदर नहरी जलघर से पानी प्रदान किया जाएगा।
सीवर की सफाई के लिए मशीनों की कमी, सरकार ने दिया आश्वासन
वहीं विधायक ने सरकार से शहर की सीवर व्यवस्था पर सवाल पूछा तो बताया गया कि मशीनों की कमी है। इस समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया है। डॉ. मिड्ढा के अनुसार सरकार ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में सीवर की सफाई पर 233.15 लाख रुपये तथा 2021-22 के दौरान 64.41 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
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शहर के लिए पेयजल व सीवर व्यवस्था दोनों ही अहम मुद्दे हैं। दोनों के बारे में सरकार ने आश्वासन दिया है। अगले कुछ समय में जींद शहर को दोनों ही सुविधाएं मिल सकेंगे।
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डॉ. कृष्ण मिड्ढा, भाजपा विधायक, जींद।
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