13जेएनडी16: जुलाना में जांच करते हुए एसआईटी टीम। संवाद
जुलाना। आरडी और एफडी के नाम पर की गई धोखाधड़ी की जांच के लिए जुलाना में एसआईटी पहुंची और निवेशकों के बयान दर्ज किए। 22 मार्च को पुलिस ने एक एजेंट की शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
रविवार को एसआई पवन कुमार के नेतृत्व में टीम जुलाना पहुंची और आरडी एफडी के नाम पर जिन लोगों ने निवेश किया था उनके बयान दर्ज किए। सोनीपत जिले के छपरा गांव निवासी जसवीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह ह्यूमैन वेलफेयर क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में एजेंट के रूप में काम करता था। सोसाइटी ने 16 सितंबर 2016 से हरियाणा समेत कई राज्यों में कार्य करना शुरू किया। इसके मुख्य कार्य एफडी और आरडी था। इस दोनों योजनाओं से लोगों को जोड़ने के लिए उनको अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया गया। 2016 से 2023 तक का कार्यकाल और सफलता का भ्रम शुरुआती सात वर्षों तक सोसाइटी ने समय पर भुगतान और योजनाओं का सुचारू संचालन किया। निवेशकों को परिपक्वता राशि समय पर दी गई। एजेंट्स को नए निवेशकों को जोड़ने पर इंसेंटिव दिया गया। 2023 में सोसाइटी के कामकाज में गंभीर समस्याएं आनी शुरू हुईं। कंपनी ने पहले एजेंट्स के इंसेंटिव रोक दिए। इसके बाद निवेशकों की राशि का भुगतान भी बाधित होने लगा। सोसाइटी के अधिकारी सिस्टम अपग्रेडेशन का बहाना बनाकर देरी को जायज ठहराने की कोशिश करते रहे, लेकिन बाद में रुपये नहीं दिए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सोसाइटी व उसके के सीएडी समीर अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बॉलीवुड एक्टर श्रेयस तलपड़े और आलोकनाथ भी आरोपी
जुलाना में खोले गए सोसाइटी के केंद्र के एजेंट जसवीर ने बताया कि सोसाइटी के प्रचार के लिए बॉलीवुड एक्टर तलपड़े और आलोकनाथ को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था। इसके अलावा दुबई और मुंबई निवासी कई बड़े नाम भी आरोपियों में शामिल हैं।
सीपी ने कार्यालय में पहुंचकर किया हंगामा
जुलाना में ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी के नाम से कार्यालय लगभग आठ साल से चलाया जा रहा था। सोसाइटी एफडी और आरडी के नाम पर बाजार में सीपी निवेशकों से रुपये जमा करवाते थे। सोसाइटी के एजेंट सोनू ने बताया कि उसने लगभग 500 लोगों का सोसाइटी में निवेश कराया है। ऐसे में लगभग करोड़ों रुपये उसके उपभोक्ताओं के सोसाइटी में जमा हैं। सोसाइटी ने लोगों की समयावधि पूरी होने पर भी रुपये नहीं दिए जा रहे थे तो सीपी ने कार्यालय में पहुंचकर हंगामा किया तो वहां से एजेंट और कार्यालय स्टाफ भाग गए।