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हटाए गए अनुबंधित कर्मचारियों ने नागरिक अस्पताल की काटी बिजली, मरीज हुए बेहाल

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नागरिक अस्पताल में बहुत मुश्किलों के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को नया ठेकेदार मिला है। नए ठेकेदार ने 186 पुराने कर्मचारियों में से 100 को दोबारा काम पर रख लिया है, लेकिन 86 कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें दोबारा काम पर नहीं रखा गया है। अब यह कर्मचारी अपना गुस्सा अस्पताल की व्यवस्था को ठप करके निकाल रहे हैं। आरोप है कि शुक्रवार रात को इन कर्मचारियों ने पूरे अस्पताल की बिजली व्यवस्था को ठप कर दिया और अस्पताल में पानी के नल खोल दिए। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने बिजली व्यवस्था को बहाल किया। सुबह अधिकारियों के नोटिस में मामला आया तो उन्होंने कर्मचारियों को समझाया तथा दोबारा ऐसी हरकत करने पर एफआईआर दर्ज करवाने की चेतावनी दी।
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जुलाई में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नया टेंडर नहीं होने के कारण कर्मचारियों ने काम करना बंद कर दिया था। इस कारण पूरे अस्पताल की व्यवस्था चौपट हो गई थी। नागरिक अस्पताल में जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए थे। जुलाई अंतिम सप्ताह में आउटसोर्स का नया टेंडर मयंक मैन पावर को मिला तो कंपनी ने कर्मचारियों की भर्ती शुरू की। पिछले वर्ष 186 कर्मचारी आउटसोर्स के रूप में काम कर रहे थे। नए ठेकेदार ने अपने हिसाब से कर्मचारियों को रखना शुरू किया। नए ठेकेदार ने 186 में से 100 पुराने कर्मचारियों को रख लिया है। बाकी बचे कर्मचारी उन्हें दोबारा काम पर नहीं रखने के कारण नाराज चल रहे हैं। अब यह कर्मचारी अपना गुस्सा अस्पताल की व्यवस्था को ठप करके निकाल रहे हैं।
आरोप है कि शुक्रवार रात 12 बजे अस्पताल की पूरी बिजली व्यवस्था को ठप कर दिया। इमरजेंसी वार्ड, सीटी स्कैन व अन्य वार्डों की बिजली ठप होने से मरीज तथा उनके तीमारदार परेशान रहे। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अन्य कर्मचारियों ने बिजली व्यवस्था को बहाल किया। इसके अलावा अस्पताल में पानी की किल्लत पैदा करने के लिए पानी के नल खोल दिए गए। सुबह जब अस्पताल प्रशासन को इसका पता चला तो उन्होंने तुरंत बैठक करके इस पर कड़ा संज्ञान लेने को कहा। बताया जा रहा है कि आउटसोर्स के नोडल अधिकारी डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने पुराने कर्मचारियों को बुलाकर उन्हें कड़ी फटकार लगाई तथा भविष्य में इस प्रकार का कदम उठाने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी।
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रात को परेशान हुए मरीज
नागरिक अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में दाखिल गांव निर्जन निवासी संतरो ने कहा कि रात को अचानक लाइट चली गई। उन्होंने सोचा कि लाइट वैसे ही रूटीन में चली गई होगी। कुछ देर बाद कई कर्मचारियों को आपस में बात करते सुना कि यह सब पुराने कर्मचारियों का किया धरा है। दो घंटे लाइन नहीं आने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई। इसके बाद जब बाथरूम के लिए गए तो शौचालय में पानी भी नहीं मिला।

कड़ा संज्ञान लेने के दिए हैं निर्देश
सिविल सर्जन डॉ. शशि प्रभा ने कहा कि उनके संज्ञान में इस प्रकार का मामला आया है। उन्होंने आउटसोर्स के नोडल अधिकारी डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला को कर्मचारियों को समझाने तथा नहीं मानने पर एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं। मरीजों की जिंदगी से किसी को खिलवाड़ करने नहीं दिया जाएगा। यह बिल्कुल असहनीय मामला है। भविष्य में ऐसा होगा तो आरोपियों के खिलाफ सीधी एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इस बारे में डॉ. राजेश भोला से संपर्क करने के प्रयास किए तो उनका मोबाइल बंद आ रहा था।
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