शहर में हर तरफ अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। शहर के सभी मुख्य मार्गों व बाजारों में अतिक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। नगर परिषद ने छह माह पहले अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चलाया था लेकिन यह अभियान किसी काम का नहीं रहा। नप ने दुकानों के बाहर पीली रेखा भी खींची और चेतावनी दी कि अगर इस रेखा के बाहर सामान रखा हुआ पाया गया तो उसे जब्त कर लिया जाएगा, लेकिन कुछ दिन दुकानदारों नेचेतावनी को माना और अतिक्रमण नहीं किया। जैसे ही अतिक्रमण हटाओ अभियान ठंडा पड़ा दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे पांच-पांच फुट कर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया। प्रशासन यह सब देखकर चुप है।
दुकानदार लगातार नगर परिषद की चेतावनी की अनदेखी कर अतिक्रमण कर रहे हैं। फिलहाल नगर परिषद भी अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। अतिक्रमण का सबसे ज्यादा असर बाजार में दिखाई देता है। जब ग्राहक खरीदारी करने के लिए आता है तो अतिक्रमण होने के चलते चलने फिरने की जगह नहीं होती। इससे ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। त्योहार के सीजन के दौरान तो पांच फीट से दस फीट अतिक्रमण हो जाता है। नगर परिषद प्रशासन की चेतावनी का दुकानदारों पर कोई असर नहीं हो रहा। बाजार के बीच सड़क निर्माण किया गया था। उस समय बाजार बहुत खुला-खुला लग रहा था। कुछ दिन तो सब ठीक रहा, लेकिन फिर से दुकानदारों ने सड़क को घेरना शुरू कर दिया।
यहां है सबसे ज्यादा अतिक्रमण
शहर में सबसे ज्यादा अतिक्रमण गोहाना रोड बाईपास, रानी तालाब चौक, सफीदों रोड, रेलवे रोड, अग्रसेन चौक, रोहतक रोड, पालिका बाजार, मेन बाजार, तांगा चौक व पंजाबी बाजार जैसे क्षेत्रों में सबसे ज्यादा अतिक्रमण रहता है। इससे खरीदारी करने वाले ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दुकानदार दुकानों के बाहर स्टाल लगाने के लेते हैं पैसे
मेन बाजार में दुकान के बाहर पांच फुट तक अतिक्रमण किया गया है। यहां पर दुकानदार अपनी दुकान के बाहर स्टाल लगाने वाले से भी पैसे लेते हैं। इससे जहां अतिक्रमण बढ़ता है वहीं ग्राहकों को भी मुश्किल का सामना करना पड़ता है।
जल्द चलाया जाएगा अभियान
अतिक्रमण हटाओ अभियान जल्द ही चलाया जाएगा। अगर कोई दुकान के बाहर अतिक्रमण करते हुए पाया गया तो सामान जब्त कर लिया जाएगा। किसी को भी अतिक्रमण करने का अधिकार नहीं है।
अरुण सिंह, ईओ नगर परिषद जींद।