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134 ए के विद्यार्थियों को दाखिला नहीं देने पर मौलिक शिक्षा निदेशालय ने लिया संज्ञान

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134 ए के तहत प्रदेशभर में निजी स्कूलों द्वारा बच्चों को दाखिला न दिए जाने के मामले में मौलिक शिक्षा निदेशालय ने संज्ञान लिया है। निदेशालय द्वारा प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी व खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेज कर नियम 134ए के तहत प्रथम चरण के ऑनलाइन स्कूल अलॉटमेंट तथा दाखिले के संबंध में जानकारी मांगी है। 134ए के तहत 24 दिसंबर तक ही दाखिले लिए जाने हैं, ऐसे में अभिभावकों की परेशानी बढ़ी हुई है।
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मौलिक शिक्षा निदेशालय ने पत्र के माध्यम से जानकारी दी है कि 16 दिसंबर को प्रथम चरण के लिए स्कूल अलॉटमेंट हो चुकी है। इसमें प्रदेशभर में 41680 बच्चों को स्कूल अलॉट हुए हैं लेकिन 21 दिसंबर तक केवल 272 छात्रों का ही दाखिला हुआ है। 134ए के तहत दाखिले के मामले में अभिभावक जानकारी के अभाव में सीधे निदेशालय पहुंच रहे हैं जोकि सही नहीं है। जींद की बात की जाए तो जिलेभर से 1915 विद्यार्थी पास हुए थे। बाकायदा इन पास हुए बच्चों को स्कूल अलॉटमेंट का मैसेज भी आ चुका है लेकिन निजी स्कूलों ने बैठक का निर्णय ले लिया कि जब तक उनका बकाया शिक्षा विभाग द्वारा नहीं दिया जाता है तब तक दाखिला नहीं दिया जाएगा। ऐसे में अब विद्यार्थियों के पास दाखिले के लिए केवल दो दिन ही शेष बचे हैं। जींद में अब तक केवल 17 बच्चों को ही दाखिले निजी स्कूलों ने दिए हैं।
वहीं निदेशालय द्वारा पत्र में कहा गया है कि नियम 134ए के तहत वर्ष 2021-22 के दाखिलों पर स्टे न माना जाए तथा दाखिलों के लिए निदेशालय द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों की पालना हो। 134ए के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थी को अगले वर्ष किसी स्क्रीनिंग प्रक्रिया तथा टेस्ट में भाग नहीं लेना होगा। यह दाखिला स्कूल की उच्चतम कक्षा तक मान्य होगा। यदि किसी भी बच्चे को दाखिले से संबंधित समस्या आती है तो बीईओ, बीईईओ, डीईओ, डीईईओ को निर्देश हैं कि पोर्टल पर लॉग इन करके बच्चे की जानकारी की प्रक्रिया स्कूलों को बताते हुए दाखिले सुचारु रूप से करने में सहायता करें। यदि स्कूलों द्वारा विभाग से जारी निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है तो इस संबंध में निदेशालय को अवगत करवाया जाए।
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सरकार व शिक्षा विभाग बकाया का करे भुगतान
जींद प्राइवेट स्कूल संघ के जिला प्रधान पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि 134ए में पढ़ने वाले बच्चों की फीस सरकार के द्वारा शहरी क्षेत्रों में प्राइमरी कक्षाओं के लिए 500 तथा मिडिल कक्षाओं तक 700 रुपये दिए जाते हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राइमरी कक्षाओं के लिए 300 तथा मिडिल कक्षाओं तक 500 रुपये दिए जाते हैं तथा सरकार के द्वारा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए कोई फ ीस निर्धारित नहीं की गई है। ना ही 134ए के अंतर्गत आने वाले इन बच्चों की राशि सरकार ने किसी स्कूल को दी है जबकि जो राशि सरकार सरकारी स्कूलों में प्रत्येक बच्चे पर खर्च करती है उस राशि से बहुत कम है। सरकार यदि सरकारी स्कूल के बच्चों पर खर्च होने वाली राशि जितनी फीस अगर प्राइवेट स्कूलों को देती है तभी प्राइवेट स्कूल 134ए में पढ़ने वाले बच्चों का दाखिला लेंगे। सरकार के द्वारा बहुत सारे स्कूलों के तीन साल के पैसे भी अभी तक नहीं दिए गए हैं।
अभिभावकों ने की निजी स्कू ल संचालकों के खिलाफ शिकायत
अपने बच्चों को निजी स्कूल में दाखिला न दिए जाने पर अभिभावक आगे आए हैं और उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय उचाना को शिकायत देकर निजी स्कूलों द्वारा दाखिला न दिए जाने की बात कही है। इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जांच की गई तो पाया गया कि निदेशालय द्वारा प्राप्त प्रति में भुगतान होना पाया गया है। प्राचार्य को पत्र के माध्यम से व दूरभाष से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और अभिभावकों को दाखिला देने से मना कर दिया। ऐसे में प्राचार्य के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए। अभिभावकों की शिकायत पर लिया जाएगा संज्ञान : सुशील जैन
134ए के तहत निजी स्कूलों को दाखिला अवश्य देना चाहिए। अगर अभिभावक निजी स्कूलों द्वारा दाखिला न दिए जाने की शिकायत देता है तो उस पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। निजी स्कूलों को भी चाहिए कि वह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें।
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- सुशील जैन खंड शिक्षा अधिकारी।
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