जींद। प्रदेश के विकास एवं पंचायत व पुरातत्व और संग्रहालय मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने सोमवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इस दौरान कई विभागों के अधिकारी मीटिंग में नहीं पहुंचे। इस पर मंत्री ने पास बैठे डीसी नरेश नरवाल को कहा कि या तो अधिकारियों को सूचना नहीं है, या फिर हल्के में ले रहे हैं।
उन्होंने श्याम प्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। योजना के तहत उचाना खंड का चयन किया गया है। इसमें गांव भगवानपुरा, बुडायन, दरौली खेड़ा, काकड़ौद, खेड़ी मसानियां, सफाखेड़ी, मखंड, मंगलपुर, नचारखेड़ा, पालवां, सेढ़ा माजरा, सुरबुरा, खरकबूरा, तारखां व उचाना खुर्द शामिल हैं। इस पर समीक्षा के दौरान कई विभागों के अधिकारी मीटिंग में मौजूद नहीं मिले। वहीं विकास कार्यों को लेकर समीक्षा के दौरान जब वन विभाग की समीक्षा की गई तो बताया गया कि करीब 75 लाख रुपये के पौधे लगाए गए हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि कुछ गांवों के फोटो दिखाओ। इस पर मीटिंग में अधिकारी फोटो नहीं दिखा सके। ऐसे में उन्होंने कहा कि वे मौके का मुआयना करेंगे। मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने कहा कि योजना का उद्देश्य गांवों में शहरों जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस मौके पर जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा, डीसी नरेश नरवाल, एसपी नरेंद्र बिजरानिया, एडीसी साहिल गुप्ता, एसडीएम आनंद कुमार शर्मा, एसडीएम डॉ. वेद प्रकाश, एसडीएम डॉ. राजेश खोथ, एसडीएम सुरेंद्र कुमार, सीईओ डॉ. किरण सिंह, नगराधीश अमित कुमार मौजूद रहे।
98 लाख रुपये का बांट दिया ज्ञान
समीक्षा के दौरान बताया कि डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत करीब सात हजार लोगों को गुगल-पे, फोन-पे, क्रोम सहित अन्य एप चलाने की जानकारी दी गई। इस पर मंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि 98 लाख रुपये का ज्ञान बांट दिया गया।
क्या एक भी गांव मॉडल बना, जवाब में सन्नाटा
मीटिंग में मत्री ने पूछा कि 2016 से यह योजना चल रही है। इस दौरान क्या एक भी गांव को पूरी तरह से मॉडल बनाया गया है। इस पर किसी भी अधिकारी द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर मंत्री देवेंद्र सिंह बबली मुस्कुराते रहे।