जाम लगा रहे लोगों को समझाते डीएसपी साधुराम। संवाद।
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सफीदों। सदर थाने में तैनात महिला एसपीओ को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपियों को पुलिस डेढ़ माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस पर महिला के मायके पक्ष के लोगों ने सफीदों पहुंचकर सदर थाना के सामने जाम लगा दिया। सुबह 11:30 बजे से लेकर ढाई तक जींद-सफीदों रोड जाम रहा। इससे लोगों को परेशानी हुई।
सोनीपत जिले के बनवासा गांव निवासी पूनम के मायका पक्ष के लोगों ने जाम के बाद पुलिस के खिलाफ एसडीएम कार्यालय तक प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर में नामजद पांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। गांव बनवासा से ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर आए पूनम के परिजनों व ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ रोष जताया।
इस दौरान मृतक एसपीओ पूनम के भाई वेदपाल एवं गांव की महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पैसे लेकर नामजद लोगों को बचाने की योजना बनाई है। गौरतलब है कि गांव खातला निवासी पूनम सफीदों सदर थाना में बतौर एसपीओ तैनात थीं। जिसने 19 अगस्त को साहनपुर रोड पर सुसाइड नोट लिखकर और एक ऑडियो बनाकर जहरीला पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट को आधार मानते हुए पूनम के भाई वेदपाल की शिकायत पर पति सुखजिंद्र समेत उसके परिवार के रामफल, नरेंद्र, मनोज, रानी, कांता के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था। घटना के एक दिन बाद ही पुलिस ने पूनम के पति सुखजिंद्र को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।
डीएसपी सफीदों साधुराम ने बताया कि आरोपी पति सुखजिंद्र को पहले की गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं। यह मामला अब सीआईए सफीदों में दे दिया गया है। एक सप्ताह का समय परिजनों से मांगा गया है। एक सप्ताह में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।