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फीस तय होने के बाद कोरोना की जांच करवाने वालों की घटी संख्या

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उचाना की आणविक प्रयोगशाला। - फोटो : Jind
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यदि खुद से कोरोना जांच करवाना चाहते हैं तो इसके लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। यदि स्वास्थ्य विभाग अपनी मर्जी से आपकी जांच करवाता है तो उसकी निशुल्क जांच होगी। इसके लिए एंटीजन किट से जांच करवाने के लिए 650 रुपये तथा आरटीपीसीआर से जांच करवाने पर 1600 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इस कारण पिछले एक सप्ताह में कोरोना सैंपलों की संख्या में कम आई है। प्रतिदिन पहले एक हजार से ज्यादा सैंपल लिए जाते थे, लेकिन अब यह सिमट कर 600 के आसपास रह गई है। रविवार को तो मात्र 145 सैंपल ही लिए गए।
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किसी युवक को नौकरी के लिए मेडिकल फिटनेश का सर्टिफिकेट बनवाना है, हरियाणा से बाहर जाने के लिए कोविड जांच करवानी है या कई दिन की छुट्टी के बाद अपनी नौकरी पर लौटना है तो ऐसे लोगों को कोरोना जांच करवाने के लिए पैसे देने होंगे। इसके अलावा कोई भी कर्मचारी या आम आदमी अपनी खुद की संतुष्टि के लिए जांच करवाना चाहता है तो उसे भी पैसे देने पड़ेंगे। इसके लिए एक एंटीजन किट से जांच तथा दूसरी आरटीपीसीआर से जांच की जाती है। एंटीजन किट से 650 रुपये तथा आरटीपीसीआर के लिए 1600 रुपये देने होंगे। यदि कोई निजी लैब में जांच करवाता है तो उसको आरटीपीसीआर जांच के लिए 2400 रुपये देने पड़ते हैं। जब से कोरोना जांच के लि पैसे लेना शुरू हुआ है, तब से सैंपलों की संख्या कम हो गई है। रविवार को तो मात्र 145 सैंपल लिए गए। 25 सितंबर को 619, 26 को 545, 27 को 145, 28 को 556 तथा 29 सितंबर को 804 लोगों के सैंपल लिए गए।
खुद स्वास्थ्य विभाग करेगा निशुल्क जांच
यदि कोई व्यक्ति पॉजिटिव आ जाता है तो उसके संपर्क में आए लोगों की जांच स्वास्थ्य विभाग मुफ्त में करेगा। इसके अलावा सरकारी स्कूलों के बच्चों की जांच भी निशुल्क की जाएगी। यदि कोई सड़क दुर्घटना में घायल है या किसी शव की जांच करनी है तो यह भी मुफ्त में किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति बीमार है और कई दिन से अस्पताल में उपचाराधीन है तो उसकी जांच भी मुफ्त में होगी।
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चार दिन से सैंपलों की संख्या कुछ कम हुई है। वहीं एंटीजन से 28 तथा आरटीपीसीआर से 52 लोगों ने अब तक शुल्क देकर जांच करवाई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार सैंपल बढ़ाने की योजना बना रहा है। लोगों को खुद भी अपनी जांच करवाने के लिए आगे आना चाहिए।
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डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद।
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