08जेएनडी35: मामले को लेकर शिकायत दिखाता बधाना निवासी पीड़ित रणधीर। संवाद
अलेवा(जींद) । चार लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बधाना निवासी रणधीर दो थानों के चक्कर में फंसा हुआ है। इस मामले में चार लोगों पर विश्वास में लेकर बैंक से चार लाख निकलवाने व ठगी करने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित करीब 14 दिनों से न्याय के लिए कभी नरवाना हुड्डा चौकी तो कभी अलेवा थाना का चक्कर काट रहा है, लेकिन पुलिस मामला एक-दूसरे के थाने का बताकर अपनी तरफ से पल्ला झाड़ रही है।
पुलिस को दी शिकायत में बधाना निवासी रणधीर ने बताया कि उसके भाई संदीप की मृत्यु 20 फरवरी 2024 को हुई थी। उसने दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत आवेदन किया था और 18 नवंबर 2024 को दीन दयाल उपाध्याय योजना की वित्तीय राशि पांच लाख रुपये उसके खाते में आ गई। इसका उनको पता नहीं था। 21 नवंबर को हिसार स्थित कार्यालय से राजेंद्र कोटली, चांद मोहम्मद खान और प्रिंस राजपूत उसके घर बधाना गांव में दीन दयाल उपाध्याय विभाग के सदस्य बनकर आए और कहने लगे कि उसके पिता किताब सिंह की आयु 60 वर्ष से अधिक होने की वजह से उसके भाई के बैंक खाता का नोमिनी नहीं बन सकता और मुझको मेरे भाई के खाते में नोमिनी बनाने की कहने लगे और मेरा बैंक खाता ले लिया। उसके बाद उन्होंने 22 नवंबर को उससे नरवाना बुलाकर कोर्ट ले गए और लिखित में एक शपथ पत्र बनवाया और उसके बाद सीधे यूनियन बैंक आफ इंडिया नरवाना में ले गए, जहां पर उससे एक फार्म भरवाया। इसका उसको पता नहीं था कि किस चीज का है, जोकि उन्होंने स्वयं भरा हुआ था और उसने उस पर उसके हस्ताक्षर करवा लिए। उसके बाद पता चला कि 22 नवंबर को राजेंद्र ने उसके खाते से संजय के खाते में चार लाख ट्रांसफर करवा लिए। उससे खाते में ठगी होने के बारे में पता चलने पर उनके पास फोन करने पर कहने लगे कि किसी को बताया या कानूनी कार्रवाई की तो उनमें से एक व्यक्ति प्रिंस राजपूत ने आत्महत्या करने की धमकी दी। मामले को लेकर पुलिस से उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
वर्जन
शिकायत मिली, घटना नरवाना की : राजकुमार
यह मामला नरवाना हुड्डा चौकी का बनता है। हालांकि मामले को लेकर उनको शिकायत मिली है, लेकिन मामला नरवाना हुडडा चौकी का होने के कारण जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई कर दी जाएगी।
-राजकुमार, थाना प्रभारी, अलेवा
वर्जन
मामला अलेवा थाना से संबंधित : अनिल कुमार
पीड़ित बधाना गांव के होने के चलते और पूरा मामला गांव में होने के कारण इसकी कार्रवाई अलेवा थाना में बनती है। नरवाना बैंक से तो केवल रुपये निकले हैं। इसको लेकर पीड़ित को समझा दिया था। अब आएंगे तो उनको फिर से समझा दिया जाएगा। मामले को लेकर अलेवा पुलिस ही कार्रवाई करे।
-अनिल कुमार, चौकी प्रभारी, नरवाना हुडडा