यूजीसी नेट का प्रश्नपत्र लीक करवाने के खेल में हरियाणा की जींद पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रश्नपत्र दिल्ली में लीक करवा कर भिवानी निवासी पुनीत व रिंकू के पास भेजा जाता था। इसके बाद भिवानी में प्रश्नपत्र को हल कर उन सभी उम्मीदवारों को भेजा जाता, जिनसे पैसे लिए गए हैं। रविवार को हुई यूजीसी नेट हिंदी की परीक्षा का प्रश्नपत्र शनिवार रात को ही लीक करवाया गया था।
इन उम्मीदवारों को एक दिन पहले ही पूरा प्रश्नपत्र अकादमी में हल कराने के बाद उम्मीदवारों को पूछा जाता कि कितने प्रश्न हल हुए। इसके बाद परिणाम आने से पहले ही सभी परीक्षार्थियों से तय की गई राशि ली जाती थी।
खटकड़ निवासी राहुल ग्राहक लाता था। परीक्षा दिलवाने के बाद प्रति परीक्षार्थी से लिए गए तीन लाख रुपये में से खुद 15 से 20 हजार रुपये राहुल बतौर कमीश्न रख लेता था, बकी के पैसे वह पुनीत व रिंकू को दे देता था। जिसके बाद यह पैसा विकास के पास जाता था।
पकड़े गए नौ आरोपियों में से महेंद्रगढ़ के पत्थरवाल निवासी रिंकू, भिवानी जिले के बामला निवासी पुनीत व खटकड़ निवासी राहुल को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। अन्य बोहतवाला निवासी अर्जुन, खटकड़ निवासी अभिषेक, बहबलपुर निवासी विक्रम, धड़ौली निवासी दीपक, ईगराह निवासी मनजीत व बहबलपुर निवासी अमरजीत का एक दिन का रिमांड लिया गया है। इनमें से जिन छह लोगों का एक दिन का रिमांड है। यह सभी अपने जानकारों के लिए प्रश्नपत्र लेने के आरोपी हैं। फिलहाल इसमें कोई भी परीक्षार्थी गिरफ्तार नहीं हुआ।
इस मामले में जांच के लिए डीएसपी जितेंद्र खटकड़ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी में तीन इंस्पेक्टर व एक डीएसपी जांच करेगें। पकड़े गए तीन मुख्य आरोपियों से फरार चल रहे दिल्ली निवासी विकास जो कि इस गिरोह के पास व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र लीक करवाकर भेजता था, के बारे में पूछताछ की जाएगी। इस गिरोह में अन्य कितने लोग शामिल हैं तथा पहले किन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र इस गिरोह ने लीक करवाए, उसके बारे में भी जानकारी प्राप्त की जाएगी। -जितेंद्र खटकड़, डीएसपी हेडक्वार्टर