राजस्थान के जुनैद-नासिर हत्याकांड में एक और नया नाम सामने आया है। जींद के पटियाला चौक निवासी चंद्र सिंह ने 2020 में जिला परिषद से सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी नीलामी में खरीदी थी। वो नीलामी की गाड़ी खरीदकर आगे बेचता है। पुलिस की जांच में यह भी साफ हुआ है कि नीलामी प्रक्रिया के बाद चंद्र सिंह ने झूठा शपथ पत्र दाखिल किया था। अब जिला परिषद की शिकायत पर पुलिस झूठे शपथ पत्र के आधार पर चंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेगी।
जुनैद-नासिर हत्याकांड में जो गाड़ी चर्चा में आई है, वह जींद की सोमनाथ गोशाला से राजस्थान पुलिस ने 19 फरवरी को बरामद की थी। इसके बाद आरोपी सफीदों रोड निवासी विकास की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान पुलिस की चार टीमों ने जींद में डेरा डाल लिया था, लेकिन अभी तक विकास का सुराग नहीं लगा है। वहीं स्कॉर्पियो गाड़ी चालक राजबीर भी पुलिस के हाथ नहीं लग सका है।
यह गाड़ी आज तक कागजों में जिला परिषद, जींद के नाम ही है जबकि जिला परिषद ने इस गाड़ी को 2020 में नीलाम कर दिया था। तीन साल बाद भी गाड़ी खरीदने वाले ने यह गाड़ी अपने नाम नहीं करवाई। अब पता चला है कि इस गाड़ी को पटियाला चौक निवासी चंद्र सिंह ने खरीदा था।
उसने शपथ-पत्र दिया था कि जब तक यह गाड़ी उसके नाम नहीं हो जाती, वह इसका इस्तेमाल नहीं करेगा, लेकिन यह गाड़ी लगातार इस्तेमाल की जा रही थी। अब जिला परिषद की तरफ से चंद्र सिंह के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
विकास और राजबीर अभी तक पकड़ से दूर
10 दिन बाद भी राजस्थान पुलिस के हाथ खाली हैं। इस मामले के पुलिस आरोपी सफीदों रोड निवासी विकास और स्कॉर्पियो गाड़ी चालक राजबीर का आज तक कोई सुराग नहीं लगा पाई। अब जिस व्यक्ति ने यह गाड़ी खरीदी थी, उसका पता चल गया है, उसके खिलाफ पुलिस धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सकती है। वहीं अभी तक यह गाड़ी खरीदने वाले के नाम क्यों नहीं हुई, इसकी जांच भी जिला प्रशासन की तरफ से आगे नहीं बढ़ पाई है।
गाड़ी खरीदने वाले ने अपने नाम क्यों नहीं की, इसकी जांच चल रही है। जल्द ही यह गाड़ी खरीदने वाले के नाम भी करवाई की जाएगी। झूठा शपथ पत्र देने वाले के नाम पुलिस को शिकायत भी की जाएगी। -अमित कुमार, नगराधीश, जींद