हरियाणा के जींद में जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की गाड़ी में डिवाइस लगाकर उसकी लोकेशन देने के गिरोह का सदस्य आरोपी हिसार जिले के कंवारी गांव निवासी जगमेंद्र उर्फ गमिंडा को पुलिस ने शहर के पटियाला चौक से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने यह डिवाइस आरटीए टीम की गाड़ी में करीब पांच महीने लगाया था। उसके बाद आरोपी को आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) टीम की गाड़ी की लोकेशन का तुरंत पता चल जाता था।
उसके बाद वह ओवरलोडिंग गाड़ी संचालकों को आरटीए टीम की जानकारी दे देता था। आरोपी दलाल के रूप में काम करता था और वह जींद से गुजरने वाले गाड़ियों को आरटीए टीम की लोकेशन देकर उनसे दलाली लेता था। गुरुवार को पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपी से इस गिरोह में अन्य सदस्यों का पता लगाया जाएगा।
आरटीए टीम की गाड़ी की लोकेशन देने के बदले लेता था राशि
गुरुवार को एएसपी अर्श वर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि साइबर सेल ने डिवाइस का डाटा निकाला गया। उसके आधार पर ओवरलोडिंग गिरोह का मामला सामने आया। आरोपी जगमेंद्र उर्फ गमिंडा ने यह डिवाइस हिसार से अपने नाम पर खरीदा था। वह आरटीए टीम की गाड़ी की लोकेशन देने के बदले राशि लेता था। हालांकि वह कितनी राशि लेता था इसका अभी पता नहीं चल पाया है। इसके बाद चालक अपने ओवरलोडिंग वाहन दूसरी दिशा से निकालकर ले जाते थे। इस प्रकार विभाग को चूना लगाया जा रहा था। वह यह सब जानकारी फोन कॉल या व्हाट्सअप ग्रुप के माध्यम से देता था।
29 जुलाई को दर्ज कराई गई थी शिकायत
आरटीए के सह सचिव संजीव कुमार ने 29 जुलाई को सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 13 जुलाई को उनकी टीम चेकिंग करने गई हुई थी। उनकी टीम जींद-हांसी, नरवाना-उचाना, नगूरां-सफीदों सहित अन्य मार्गों पर चेकिंग कर रहे थे, लेकिन प्रत्येक मागग् पर उन्हें चेकिंग लीक होने का शक हुआ था।
उसके बाद उन्होंने गाड़ी की जांच करवाई तो गाड़ी में एयरटेल कंपनी का डिवाइस मिला। उसी से उनकी गाड़ी की लोकेशन का पता चल रहा था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।
तीन डंपरों का मालिक है आरोपी
आरोपी जगमेंद्र उर्फ कमिंडा शहर के पटियाला चौक के पास काफी समय से रेती-बजरी की दुकान चलाता है। आरोपी तीन डंपरों का मालिक है। वह अपने डंपरों में रेती, बजरी, मिट्टी भरकर जिले से बाहर भी भेजता था। वह अपने ओवरलोड डंपरों के चालकों को भी आरटीए टीम की लोकेशन भेजकर उनको भी दायें-बायें से निकलवा देता था। ऐसे में वह आरटीए टीम की कार्रवाई से बच जाता था।
डिटेक्टिव स्टाफ की टीम ने गिरोह के सदस्य जगमेंद्र उर्फ कमिंडा को पटियाला चौक से काबू किया है। उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। आरोपी को रिमांड पर लेकर उसके साथ-साथ कौन-कौन शामिल हैं, इस बारे पूछताछ की जाएगी।
-अर्श वर्मा, एएसपी, जींद