हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने किशोरी को बहकाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश किए हैं।
गन्नौर थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने 12 सितंबर, 2018 को पुलिस को बताया कि रात को उनकी 14 वर्षीय बेटी उनके पास सो रही थी। तड़के चार बजे जब वह उठा तो उसकी बेटी गायब मिली। उन्होंने अपने स्तर पर खोजा पर पता नहीं चला। बाद में जानकारी मिली कि पड़ोस का रहने वाला विकास व एक अन्य युवक भी गायब हैं।
उन्होंने दोनों युवकों पर बेटी को बहका कर ले जाने का आरोप लगाया था। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किशोरी को बरामद कर लिया था। जांच में उसके साथ दुष्कर्म का पता लगा था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए विकास को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस जांच में पता लगा था कि वह किशोरी को पानीपत की तरफ ले गया था। वहां पर उसने धमकाकर दुष्कर्म किया था। जिस पर पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर किया था, जहां से उसे जेल भेजा दिया गया था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने विकास को दोषी करार देते हुए 4 पॉक्सो एक्ट में 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की 506 में दो साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 363 में पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना राशि में से पीड़ित को 50 हजार रुपये देने के आदेश दिए गए हैं। वहीं जुर्माना न देने पर 16 माह कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।