उचाना। पूरे सप्ताह कपास के भाव बढ़ते-घटते रहे। सप्ताह के अंत में भाव फिर से 9400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे। तीन दिन भाव कम रहने के बाद भाव बढ़ने से किसानों के चेहरे फिर खिलने लगे हैं। किसानों का कहना है कि भाव बढ़ने लगे हैं। फिर से उन्हें अगले सप्ताह 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक भाव पहुंचने की उम्मीद हुई है। इस बार कपास में गुलाबी सुंडी के चलते उत्पादन प्रभावित हुआ है। भाव से ही किसानों को उम्मीद है। किसान चंद्र, सतबीर, प्रकाश व राजा ने कहा कि इस बार कपास का उत्पादन बहुत गुलाबी सुंडी के चलते प्रभावित हुआ है। सीजन की शुरुआत से कपास के भाव बीते सीजन से अधिक मिल रहे है। कपास के भाव 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने की उम्मीद किसानों को है। कई बार 9600 रुपये प्रति क्विंटल के आस-पास पहुंचने के बाद कम हो जाते हैं। अब भाव बढ़ने से किसानों को उम्मीद है कि कपास 10 हजारी होगी। कपास की फसल में इस बार किसानों को नुकसान ज्यादा हुआ है।
गुलाबी सुंडी से खराब होने पर फसल की जुताई तक करनी पड़ी। इस बार सिर्फ भाव से ही किसानों को उम्मीद है ताकि जो आर्थिक नुकसान हुआ है कुछ हद तक वह कम हो सकें। आढ़ती भूप खटकड़, वेदप्रकाश गर्ग व रामदत्त शर्मा ने बताया कि इस सप्ताह 8700 रुपये से अधिक भाव कपास के रहे हैं। कभी कम कभी ज्यादा भाव हो रहे हैं। सप्ताह के अंत में फिर से भाव बढ़े। इस बार उत्पादन कपास का कम है तो गुणवत्ता भी अच्छी नहीं आ रही है। मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू ने कहा कि शनिवार को 9400 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव रहे। सोमवार को 9400 रुपये प्रति क्विंटल, मंगलवार को 9600 रुपये प्रति क्विंटल, बुधवार को 9200 रुपये प्रति क्विंटल, वीरवार को 9051 रुपये प्रति क्विंटल, शुक्रवार को 8752 रुपये प्रति क्विंटल व शनिवार को 9401 रुपये प्रति क्विंटल तक के भाव रहे।