संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद वीरवार को मानसून ने दस्तक दे दी। पहली ही बारिश ने जींद शहर को पानी-पानी कर दिया। वीरवार को दिन का आगाज ठंडी हवाओं से हुआ और फिर रूक-रूक कर बूंदाबांदी शुरू हुई। दोपहर बाद अचानक से झमाझम बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया। बारिश ने मौसम को भी सुहावना बना दिया। वहीं अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में भी सात डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। शहर के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश का पानी जमा होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे।
वीरवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्द्रता 65 प्रतिशत व हवा की गति 24 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। जिला में वीरवार औसतन 36 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान आकाश में बादल छाए रहेंगे और बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। बारिश नहीं होने के चलते किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए महंगा डीजल फूंकना पड़ रहा था। वीरवार को मानसून की झमाझम बारिश ने खेतों में सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध करवाया। इस समय धान रोपाई का सीजन जोरों पर है। बारिश के कारण धान की रोपाई का कार्य तेजी से होगा।
जिले में कहां कितनी बारिश हुई
स्थान मात्रा (एमएम में)
जींद 30
नरवाना 42
सफीदों 40
उचाना 30
पिल्लूखेड़ा 44
अलेवा 32
जुलाना 30
गर्मी तथा उमस से मिली निजात
मानसून की पहली बारिश ने गर्मी तथा उमस से निजात दिलाई है। पिछले चार दिन से उमस के कारण भयंकर गर्मी के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो रहा था। वीरवार को तेज बारिश तथा ठंडी हवाओं ने तापमान में गिरावट ला दी। पूरा दिन आकाश में बादल छाए रहे। वहीं आकाश में बादलों का जमावड़ा लगातार बना रहा और हलकी फूहार भी गिरती रही। रूक-रूक कर फूहार गिरने से गर्मी तथा उमस से तो राहत मिली ही साथ में मौसम सुहावना भी हो गया।
शहर के इन-इन क्षेत्रों में हुआ जलभराव
मानसून की पहली बारिश ने जिला प्रशासन के बरसाती पानी निकासी के दावों को धराशाही कर दिया। शहर की पॉश कॉलोनियों समेत बाहरी कालोनियों में बरसाती पानी जमा हो गया। शहर का ऐसा कोई मुख्य मार्ग नहीं था, जहां बरसाती पानी जमा न हो। बारिश से मुख्य मार्गों पटियाला चैक, सफीदों रोड, बाल भवन रोड, रानी तालाब, गोहाना रोड के अलावा अर्बन एस्टेट, डिफेंस कॉलोनी, शिव कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड, पटेल नगर, संत नगर, लक्ष्मी नगर, अजमेर बस्ती, आश्रम बस्ती, बूढ़ा बाबा बस्ती, हकीकत नगर, रेलवे रोड, स्कीम नंबर पांच, छह, 19 आदि में पानी जमा हो गया। ऐसे में मानसून की इस बारिश ने शहर से लेकर गांव तक पानी निकासी की पुख्ता व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशानी बढ़ा दी है। जल निकासी के प्रबंध नहीं किए जाने के चलते बारिश ने प्रशासनिक प्रबंधों की पोल खोल दी। पटियाला चौक, नई सब्जी मंडी, अर्जुन स्टेडियम ने तो तालाब का रूप ले लिया।
अगले 24 घंटों के दौरान आकाश में बादल छाये रहेंगे और बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। इस बारिश ने किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में फसलों के लिए पानी उपलब्ध करवा दिया है। बारिश से धान रोपाई के कार्य में तेजी आएगी, वहीं फसलों में जो थोड़ी बहुत बीमारी है, वह भी दूर हो जाएगी।
डॉ. राजेश, मौसम वैज्ञानिक, पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र।
सफीदों रोड पर भरे पानी से निकलते वाहन। संवाद।- फोटो : Jind