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रात में होगा शहर में सफाई का काम, मुख्यालय से मिली मंजूरी

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शहर में सफाई करते कर्मचारी। संवाद - फोटो : Jind
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जींद। शहर की सफाई पर करीब दो करोड़ रुपये महीना खर्च करने वाली जींद नगर परिषद अब रात में बाजारों की सफाई के लिए नाइट स्वीपिंग अभियान शुरू करेगी। नगर परिषद की इस योजना को मुख्यालय से प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। हालांकि अभी इसके लिए डिटेल नोटिस इंवाइटेड टेंडर (डीएनआईटी) बनाई जा रही है। अनुमान है कि इस पर करीब करोड़ 80 लाख रुपये प्रतिवर्ष खर्च होंगे। बाजारों में सफाई के लिए अलग से करीब 70 लोगों को रखा जाएगा।
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फिलहाल शहर में सफाई के लिए नगर परिषद के पास 213 कर्मचारी हैं। इनमें 110 कर्मचारी स्थायी व 103 अस्थायी हैं। इसके अलावा मुख्य मार्गों की सफाई, घर-घर से कूड़ा उठाने व डंपिंग साइट से कूड़ा उठाने के लिए ठेका दिया गया है। इस पूरे काम पर प्रतिमाह करीब दो करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसके बावजूद शहर में सफाई नहीं हो पा रही है। विशेषकर बाजारों में दिन के समय भीड़ रहती है। ऐसे में यहां रात को सफाई योजना बनाई गई है। इसी माह में इसकी प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए लगाया जा रहा जोर
अगले साल स्वच्छता सर्वेक्षण होना है। ऐसे में वर्तमान हालात में जींद नगर परिषद काफी पिछड़ सकता है। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की सफाई सही दिखाने के लिए यह योजना बनाई गई है। पिछले महीने जारी की गई स्वच्छता रैंकिंग में जींद को 195वां स्थान मिला है।
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सफाई के नाम पर सिर्फ खर्च
टीम जींद सुधार के सुनील वशिष्ठ ने कहा कि शहर में सफाई के नाम पर सिर्फ खर्च हो रहा है। जनता के पैसे को लूटाया जा रहा है। जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा। ऐसे में इसको लेकर अभियान चलाया जाएगा। पांच साल पहले करीब सात लाख रुपये प्रति महीना में शहर की सफाई होती थी। अब यह करीब 70 लाख रुपये का टेंडर है। इसके अलावा नगर परिषद के स्थायी व अस्थायी कर्मचारी अलग हैं। ऐसे में इस मुद्दे को अधिकारियों से लेकर सरकार तक उठाया जाएगा।
मिली प्रशासनिक मंजूरी
जींद नगर परिषद के एमई सुमित कुमार ने कहा कि रात्रि सफाई अभियान एक महत्वाकांक्षी योजना है। दिन में बाजारों में भीड़ रहती है। ऐसे में रात को यहां सफाई होगी। इसके लिए टेंडर लगाया जाएगा। इसकी डीएनआईटी तैयार की जा रही है, जो मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके बाद जैसे ही टेंडर की अनुमति मिलेगी, आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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