जींद। जिले में दस अप्रैल को गेहूं की प्रथम दिन खरीद शुरू हुई थी। इस दिन 348850 क्विंटल गेहूं की खरीद जिलेभर में की गई। गेहूं की इस खरीद को शुक्रवार तक 96 घंटे बीत गए, लेकिन किसी भी किसान के खाते में एक रुपया नहीं डाला गया। इसका मुख्य कारण गेहूं की खरीद के बाद उठान के लिए टेंडर नहीं होना रहा। इसके कारण गेहूं गोदाम में समय पर नहीं पहुंचा और सभी किसानों की भुगतान अटक गया।
शुक्रवार तक जिले में 2316490 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। इसमें से उठान नाममात्र ही हो पाया। इसके चलते 250450 क्विंटल गेहूंं का उठान हुआ। उठान के लिए दो दिन पहले मंडी में पहुंचे एसडीएम को भी व्यापारियों ने गुहार लगाई थी, जिसके अगले दिन ही टेंडर अलॉट होने के बाद उठान का कार्य शुरू हो गया था। पहले दिन लगभग 50 हजार क्विंटल गेहूं का उठान हुआ, जबकि वीरवार व शुक्रवार को उठान की गति में बढ़ोततरी हुई। यह 2.50 लाख क्विंटल को पार कर गया। उठान नहीं होने के कारण कई अनाज मंडियों में पिछले दो दिन पहले तक 80 प्रतिशत स्थान गेहूं से भर गया था, लेकिन अब मंडी में हालात सामान्य होने लगे हैं। आढ़तियों की माने तो अब गेहूं में न तो नमी की मात्रा अधिक है। इसके कारण प्रतिदिन गेहूं की आवक में बढ़ोतरी हो रही है। अगर इसका उठान साथ के साथ होता रहा तो एजेंसियों द्वारा उठान कर समय से गोदामों में पहुंचेगा। इसके बाद किसानों को उनकी गेहूं की पेमेंट भी 72 घंटे के अंदर हो सकेगी।
कोट
जिले में खरीदी गई गेहूं की भुगतान में देर होने का मुख्य कारण टेंडर में देरी हुई है। अब उठान शुरू होकर पूरी तरह से तेजी पर है। अब शीघ्र ही किसानों के गेहूं के रुपये का भुगतान करा दिया जाएगा। इसे लेकर किसानों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। अब गेहूं का सभी मंडियों में उठान कार्य सुचारू रूप से चला हुआ है।
निशांत राठी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी जींद।