जींद। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर जिले की सरकारी सेवाओं से जुड़े चिकित्सक मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे। सभी नागरिक अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सक ओपीडी नहीं करेंगे। चिकित्सक केवल एमरजेंसी सेवाएं और पोस्टमार्टम जैसे कार्य करेंगे। इस वजह से अस्पतालों में आने वाले मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। चिकित्सक राज्य सरकार द्वारा सीधे एसएमओ की भर्ती करने का विरोध कर रहे हैं। सोमवार को चिकित्सकों ने अपनी हड़ताल संबंधी सूचना का ज्ञापन सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया व पीएमओ डॉ. अनिल बिरला को सौंपा।
दिसंबर महीने में भी चिकित्सकों ने हड़ताल करने का फैसला लिया था। 13 दिसंबर को चिकित्सकों ने हड़ताल की घोषणा की थी। इससे पहले ही 12 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की बैठक हुई, जिसमें स्वास्थ्यमंत्री ने एसएमओ की सीधी भर्ती को रोकने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इस संबंध में सरकार की ओर से कोई पत्र जारी नहीं किया है। इससे निराश होकर चिकित्सक फिर से हड़ताल पर जाने को मजबूर हैं। एसोसिएशन के उपप्रधान डॉ. रघुबीर पूनिया, सचिव डॉ. अरुण, सहसचिव डॉ. राजेश भोला ने सोमवार को पीएमओ डॉ. अनिल बिरला को हड़ताल संबंधी सूचना का ज्ञापन दिया। इससे बाद चिकित्सकों ने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए अस्पताल की दीवारों पर पोस्टर चस्पा किए। चिकित्सकों ने कहा कि वह जनता को परेशान नहीं करना चाहते लेकिन हड़ताल अब उनकी मजबूरी है।
जिले में हैं एचसीएमएएस के 88 सदस्य
जिले भर में एचसीएमएएस के 88 सदस्य हैं और यह अलग-अलग स्थानों पर ओपीडी समेत अन्य प्रशासनिक कार्य संभाले हुए हैं। नागरिक अस्पताल जींद में प्रतिदिन एक हजार से अधिक की ओपीडी होती है। सरकारी चिकित्सकों के हड़ताल करने के कारण जिले के मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।