दिल्ली कूच से पहले सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते मजदूर नेता।
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किसानों के समर्थन में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन के लगभग 100 कार्यकर्ताओं रविवार को जुलाना से दिल्ली के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पहले मजदूर नेता सुभाष पांचाल, कर्मचारी नेता ईश्वर ठाकुर, खेत मजदूर यूनियन प्रधान सूरजभान, दीनदयाल ने कहा कि यह केवल किसानों का आंदोलन नहीं है, बल्कि मजदूरों को भी इसमें भाग लेना चाहिए। यदि कृषि व्यवसाय खत्म हो गया तो मजदूरों को भी रोजी-रोटी के लाले पड़ जाएंगे। इससे पहले सीटू नेताओं ने देवरड़, कमास खेड़ा, मालवी, झमौला व करेला गांवों का दौरा कर अन्य किसानों को भी दिल्ली कूच के लिए प्रेरित किया।
मजदूर नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने जो तीन कानून लागू किए हैं, उनको रद्द करवाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को दिल्ली पहुंचना चाहिए। जब तक यह कानून वापस नहीं हो जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसान, मजदूर तथा कर्मचारी मिलकर सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे। लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। इस तानाशाही सरकार ने किसान यूनियन और मजदूर यूनियन के नेताओं को गिरफ्तार किया और उन पर मुकदमे दर्ज किए हैं। सभी मुकदमे वापस हों तथा किसान नेताओं को रिहा किया जाए।