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किसानों को गाली देने वाले देवेंद्र बबली के खिलाफ दर्ज हो मामला ः चढूनी

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टोहाना के जेजेपी विधायक देवेंद्र बबली द्वारा दिए बयान पर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि जब इनको वोट लेनी होती है तभी किसान नजर आते हैं। जब इनका मतलब निकल जाता है तो पता नहीं क्या-क्या बोलते हैं।
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पालवां में पत्रकारोें से बातचीत में चढूनी ने विधायक देवेंद्र बबली द्वारा किसानों को अभद्र बोलने की निंदा करते हुए कहा कि किसानों को गाली देने पर प्रशासन को चाहिए कि जेजेपी विधायक के खिलाफ मामला दर्ज करे। देवेंद्र बबली ने गाली देकर किसानों को भड़काने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा व जजपा के नेता अगर किसी कार्यक्रम में आते हैं तो उनका विरोध जारी रहेगा। जो कृषि कानून केंद्र सरकार लेकर आई है, उनको पांच जून को एक साल होगा। इस दिन पूरे देश में किसान इन काले कानूनों की प्रतियां जलाएंगे। बीते दिनों बनाई गई फेडरेशन पर चढूनी ने कहा कि फेडरेशन क्या है, जो संगठन अभी तक आंदोलन में शामिल नहीं है, उन सभी संगठनों को एकत्रित करके फेडरेशन बनाई है। हम सब किसान मोर्चा के नीचे काम करते रहेंगे। अब उत्तर प्रदेश में भी टोलों पर धरने शुरू हो गए हैं। हम यूपी व उत्तराखंड के किसानों का कृषि कानूनों के विरोध में सहयोग मांग रहे हैं। इस अवसर पर आजाद पालवां, अनूप खटकड़, रामनिवास करसिंधु व मेवा सिंह मौजूद रहे।
उचाना प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने दिया किसानों के धरने को समर्थन
उचाना। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन उचाना ब्लॉक की बैठक न्यू आर्य आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में हुई। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान नरेंद्र वत्स ने की। सभी स्कूल संचालकों ने सर्वसम्मति से किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए खटकड़ टोल पर धरना दे रहे किसानों के साथ बैठने का फैसला लिया। कापड़ो गांव के प्राइवेट स्कूल संचालक रामदिया के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर शोक प्रकट किया गया।
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नरेंद्र वत्स ने कहा कि जब तक किसान आंदोलन चलेगा तब तक प्राइवेट स्कूल संचालक किसानों के समर्थन में खटकड़ टोल पर धरने पर जाकर बैठेंगे। यह सरकार फसल और नस्ल दोनों को खराब करना चाह रही है। यह कृषि कानून लागू होने से किसानों को अपनी जमीन जाने का डर है। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द किसानों की मांग मांगनी चाहिए। सभी स्कूल प्राइवेट स्कूल संचालकों ने खटकड़ टोल प्लाजा पर पहुंचकर वहां प्रतिनिधि नेताओं से बात कर उनको आश्वासन दिया कि वे किसानों के साथ हैं। जब तक आंदोलन खत्म नहीं होता तब तक उनकी मांगों का समर्थन करते रहेंगे। इस मौके पर अनिल टोहाना खेड़ा, संजय शर्मा, साधुराम, राकेश जैन, बलजीत, राजेश चहल, राजेश मौण, वीरेंद्र बूरा, मुकेश शर्मा, प्रमोद बूरा, जय किशन आर्य, राकेश पालवां, सुरेश वशिष्ठ, बिजेंद्र बूरा, सुरेश, धर्मपाल नैन, सुरेश मेहरा, राजपाल मखंड व हरदीप मौजूद रहे।
बाइकों और गाड़ियोें के काफिले के साथ धरने पर पहुंचे बड़ौदा के किसान और युवा
खटकड़ टोल पर चल रहे किसानों के धरने पर बुधवार को बड़ौदा गांव से युवाओं का काफिला बाइकों और गाड़ियों में पहुंचा। बुधवार को धरने की अध्यक्षता जिले सिंह दरियावाला ने की। सांकेतिक भूख हड़ताल पर अमरजीत, अमरलाल, सत्ता, कृष्ण, पंडित ओमप्रकाश रहे।
कैप्टन वेदप्रकाश ने कहा कि किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन गया है। खटकड़ टोल के पास जो धरना चल रहा है, उस पर हर रोज भीड़ बढ़ रही है। कृषि कानून जब तक रद्द नहीं होते तब तक किसान घर नहीं जाएंगे। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह किसानों की मांग को माने। केंद्र सरकार को अपना राज हठ छोड़ना चाहिए। जिस किसान के लिए यह कृषि कानून बनाए हैं, जब वहीं चाहता तो सरकार क्यों इन कानूनों को लागू करने पर तुली है। यह कानूनी पूरी तरह से किसान व खेती विरोधी है। इस मौके पर बिजेंद्र सिंधु, सुधीर चहल, जितेंद्र चहल, संदीप, बलबीर फौजी, जगदीश, विक्रम, सुमित, प्रदीप, राकेश वाल्मीकि मौजूद रहे।
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