युवक के साथ 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि इस मामले में गठित एसआईटी ने अब तक बड़ी कामयाबी इस फर्जीवाड़े में प्राप्त की है। इसमें एसआईटी ने 30 कंपनियों में पैसे के निवेश करवाने की जांच शुरू की है। इसके अलावा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके घर व ठिकानों पर सर्च वारंट जारी किए हैं।
अब इस मामले में एक नया पीड़ित साबिर अली ने सामने आकर एक और खुलासा किया है। जिसमें उन्होंने सीएम विंडो पर दी शिकायत में कहा कि वह दिल्ली का रहने वाला है और सिविल ठेकेदार है। साबिर के अनुसार जुलाना निवासी दीपक, संदीप, विजय उर्फ बजे सिंह, विजय उर्फ टूण्डा व पवन सिंगला उर्फ मोदी ने उसके साथ मारपीट की। इसके अलावा उससे पैसे भी छीन लिये। इसके अलावा उसे झूठे केस में फंसाने व जान से मारने की धमकी भी दी। साबिर अली ने कि आरोपी दीपक कुमार नेे करीब दो साल पहले उससे संपर्क किया था और तीन मकान बनवाने की बात कही थी। इस पर एक करोड़ 75 लाख रुपये में बात हुई। इस पर जून 2020 में ही मकान बनाने का काम शुरू कर दिया। ऐसे में एक जुलाई को दीपक ने पांच लाख रुपये बतौर टोकन मनी थी उसे दी। इसके बाद जब बाकी पैसे नहीं दिए तो दिए तो सितंबर 2020 में उन्होंने काम बंद कर दिया। साबिर अली का आरोप है कि इस दौरान उसने मकान बनाने के काम में करीब 35 लाख रुपये लेने थे। इसके बाद 12 सितंबर 2020 को दीपक ने फोन कर पैसे लेने के लिए बुलाया। जब वह अपने भाई समसाद के साथ दीपक के घर पहुंचा तो वहां पर दीपक, उसके पिता विजय उर्फ बजे सिंह, उसका भाई संदीप, विजय उर्फ टूंडा व पवन सिंगला उर्फ मोदी ने उसके भाई समसाद को कमरे में बंद कर पिटाई की। फिर रात को करीब 11 बजे बंदूक के बल पर साबिर अली के बैंक खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिये। आरोपियों ने दोनों भाइयों को जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने एक औरत को बुलाकर उसे रेप के केस में फंसाने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीएसपी ने की लोगों से शिकायत देने की अपील : डीएसपी
डार्विन कंपनी निवेश मामले में डीएसपी जितेंद्र खटकड़ ने लोगों से अपील की है कि जिन भी लोगों के साथ इ कंपनी में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी हुई है। वह सभी आगे आएं और एसआईटी को इसकी शिकायत दें, ताकि इन लोगों का पर्दाफाश हो सके। इनके लिए उन्होंने जीएसटी, ईडी व आयकर विभाग के साथ जानकारी सांझा की है। इन लोगों के सर्च वारंट जारी करवाए गए हैं। इस कं पनी से पीड़ित लोग डीएसपी हेडक्वार्टर में आकर शिकायत दे सकते हैं।
जांच में अब तक अलग-अलग 30 कंपनियों के नाम आए सामने
इस मामले में जींद एसआईटी द्वारा की गई जांच में अलग-अलग 30 कंपनियों के नाम सामने आए है। इन कंपनियों में निवेशकों का पैसा लगाया जाता था और जब ज्यादा लोगों का पैसा होता था तो उसको दूसरी कंपनी में निवेश कर दिया जाता था। जो व्यक्ति इनसे पैसे मांगता था तो उसके साथ मारपिटाई कर चुप करवाया जाता और उस पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी दी जाती थी। हालांकि अब तक इस मामले में एसआईटी को बड़ी कामयाबी मिली है। फिलहाल इसमें आरोपियों की तलाश की जा रही है।
-जितेंद्र कुमार खटकड़, एसआईटी इंचार्ज।