05जेएनडी03: कन्या भ्रूण हत्या रोकने को लेकर शपथ लेती महिलाएं। स्रोत स्वास्थ्यकर्मी।
जींद। उप स्वास्थ्य केंद्र जाजवान में वीरवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में गांव की महिलाओं, किशोरियों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में लिंग अनुपात में सुधार लाना, कन्या भ्रूण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाना रहा।
स्वास्थ्यकर्मी रिनु शर्मा व सुनीता कुमारी ने ग्रामीणों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्य एवं लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेटियों को शिक्षा देना समाज के संतुलित विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं और आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से देश का नाम रोशन कर रही हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिंग की जांच कराना और करवाना कानूनन अपराध है। इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर संबंधित डॉ.,क्लीनिक संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएग। इसमें जुर्माना और जेल की सजा तक हो सकती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी लिंग जांच या भ्रूण लिंग परीक्षण से संबंधित अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो स्वास्थ्य विभाग या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के महत्व के बारे में भी बताया गया। साथ ही यह संदेश दिया गया कि परिवार और समाज को मिलकर बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करनी चाहिए।
स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि बेटियों को समान अवसर देकर ही एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने कन्या भ्रूण हत्या के विरोध एवं बेटियों को समान अधिकार देने का संकल्प लिया।