जींद। आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा के आह्वान पर जिलेभर की आशा वर्कर्स ने मंगलवार को मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और ज्ञापन नगराधीश अमित कुमार को सौंपा। प्रदर्शन से पूर्व आशा वर्करों ने धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आशा वर्करों को संबोधित करते हुए यूनियन की जिला प्रधान नीलम व जिला सचिव राजबाला ने बताया कि उनके पास पहले ही नियमित गतिविधियों के अलावा बहुत सारे काम हैं। जिनको करने के बाद ऑनलाइन काम करने का कोई समय नहीं होता। एनसीडी का ऑफलाइन काम आशा वर्कर्स पिछले दो वर्षों से लगातार कर रही हैं पर उनकी प्रोत्साहन राशि का भुगतान ज्यादातर जगह पर अभी तक नहीं किया गया। विभाग द्वारा दिए गए फोन बड़ी संख्या में हैंग होते हैं और खराब हो चुके हैं। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड ऑनलाइन बनाने का दबाव भी आशा वर्करों पर ही बनाया जा रहा है तथा टीबी का सर्वे भी ऑनलाइन करने का नाजायज दबाव बनाया जा रहा है। आशा वर्करों के काम बढ़ाए जा रहे हैं और मानदेय में कटौती की जा रही है जिससे आशा वर्करों में भारी गुस्सा है। आशा वर्करों पर योग करवाने आदि का दबाव भी सीएचओ द्वारा बनाया जा रहा है। सीटू जिला सचिव कपूर सिंह ने बताया कि आशा वर्करों के ऊपर चौतरफा हमला किया जा रहा है। एक तरफ महंगाई व रोजगार कि मार है दूसरी तरफ मौजूदा रोजगार में लगातार काम का दबाव बढ़ने और वेतन बढ़ोतरी न होने से जूझ रही हैं। जिला प्रधान नीलम व उप प्रधान मुकेश ने बताया कि आगामी पांच अप्रैल को तमाम आशा वर्कर्स हड़ताल पर रहेंगी और दिल्ली मार्च के कार्यक्रम में भाग लेंगी। ताकि केंद्र सरकार की विनाशकारी नीतियों पर रोक लगे, न्यूनतम वेतन 26 हजार मासिक तय हो, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थायी बनाया जाए, शिक्षा-स्वास्थ्य सहित तमाम विभागों एवं सार्वजनिक उद्यमों का निजीकरण बंद किया जाए तथा ठेका प्रथा खत्म करके सबके लिए पक्के रोजगार का प्रबंध किया जाए।
फोटो कैप्शन 14जेएनडी 18 मांगों को लेकर प्रदर्शन करती आशा वर्कर। विज्ञप्ति 14जेएनडी 19 मांगों से संबंधित ज्ञापन नगराधीश अमित कुमार को सौंपती आशा वर्कर। विज्ञप्ति