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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंक जताया रोष

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प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर रोष जतातीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं। संवाद - फोटो : Jind
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जींद। सीटू से संबंधित आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा के नेतृत्व में शनिवार को चौथे दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने लघु सचिवालय के सामने ग्रीन बेल्ट में धरना दिया। उन्होंने ग्रीन बेल्ट से लेकर बस स्टैंड मोड़ तक प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार का पुतला भी फूंका।
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धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान भुला देवी ने की व संचालन सुमन देवी ने किया। सीटू की राज्य महासचिव शकुंतला ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार आईसीडीएस और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लाई है। प्ले स्कूलों द्वारा आईसीडीएस को प्राइवेट हाथों व एनजीओ को सौंपने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसे आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स बर्दास्त नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन ने 12 दिसंबर को होने वाली सर्व कर्मचारी संघ की हड़ताल का समर्थन किया और इसमें शामिल होने का फैसला किया। सीटू के राज्य उपाध्यक्ष कामरेड रमेश चंद्र ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स वह हेल्पर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। जब तक सरकारी कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये लागू किया जाए। 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्त मानदेय में जोड़कर दी जाएं। महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत दिया जाए। हेल्पर्स के पदनाम को बदला जाए। विभाग द्वारा बिना फोन व अन्य संसाधन दिए वर्कर्स पर ऑनलाइन काम का दबाव बनाना बंद किया जाए। प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर 2018 में की गई वर्कर्स व हेल्पर्स की 1500 रुपये व 750 रुपये की बढ़ोतरी को एरियर समेत दिया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स को पांच लाख रुपये व हेल्पर्स को तीन लाख रुपयेे सेवानिवृत्ति का लाभ दिया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को किसी भी विभागीय ट्रेनिंग या बैठक में बुलाने पर टीए व डीए दिया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को दुर्घटना होने पर इलाज का पूरा खर्च व मृत्यु होने पर अन्य विभागों की तर्ज पर आश्रितों को तीन लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। वर्कर्स व हेल्पर्स की वर्दी की राशि बढ़े व सालाना कम से कम 1600 रुपये की जाए। नई शिक्षा नीति वापस हो। फ तेहबाद व कैथल सहित अन्य जगहों पर आंदोलन के दौरान आंगनबाड़ी कर्मचारियों पर बनाए गए मुकदमे निरस्त किए जाएं। सभी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को ईएसआई एवं पीएफ के तहत कवर किया जाए। इस अवसर पर ऊषा रानी, पुष्पा, सुदेश, मूर्ति, बिमल, कमला, बीरमति, राजकुमारी, सतवंती, जयपति, सुनीता, लक्ष्मी, सीमा, पूनम, सरोज, कृष्णा, किताबो, राजेश देवी, दर्शना, मुकेश, कमला, सावित्री, लाजवंती, निर्मला व जयपति भी मौजूद रहे।
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