जींद। अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होगी। 38 दिन तक नौ अगस्त तक चलेगी। यात्रा शुरू होने में अभी एक सप्ताह का समय है। इसलिए श्रद्धालुओं में बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए फिर से क्रेज शुरू हो गया है।
इसको लेकर नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 श्रद्धालु जरूरी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया को लेकर पहुंच रहे हैं। बाबा बफार्नी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा पर 13 से 70 साल की उम्र तक के लोग जा सकते हैं।
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा के लिए जरूरी मेडिकल करवाने वाले लोगों में कमी आई। लोगों ने उस समय भी रजिस्ट्रेशन तो करवाए, लेकिन मेडिकल के लिए नहीं आ रहे थे। अब एक बार फिर से श्रद्धालु मेडिकल के लिए पहुंच रहे हैं।
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अमरनाथ जाने वाले श्रद्धालु इन बातों का ध्यान रखें
यात्रा के दौरान मेडिकल सर्टिफिकेट, चार पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, आरएफआईडी कार्ड, ट्रैवल एप्लिकेशन फॉर्म अपने साथ रखें। फिजिकल फिटनेस के लिहाज से हर रोज चार से पांच किलोमीटर पैदल चलने की प्रैक्टिस करें। सांस वाला योग जैसे प्राणायाम और एक्सरसाइज करें। यात्रा में ऊनी कपड़े, रेनकोट, ट्रैकिंग स्टिक, पानी की बॉटल और जरूरी दवाओं का बैग अपने साथ रखें।
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अमरनाथ यात्रा के लिए यह दो रूट हैं
नागरिक अस्पताल में मेडिकल करवाने आए राहुल ने बताया कि बाबा अमरनाथ के दर्शनों के लिए श्रद्धालु दो रूटों से जा सकते हैं। पहला रूट पहलगाम रूट है। इस रूट से गुफा तक पहुंचने में तीन दिन लगते हैं, यह रास्ता आसान है। पहलगाम से पहला पड़ाव चंदनवाड़ी है। यह बेस कैंप से 16 किमी दूर है। यहां से चढ़ाई शुरू होती है। तीन किलोमीटर चढ़ाई के बाद यात्रा पिस्सू टॉप पहुंचती है। यहां से पैदल चलते हुए शाम तक यात्रा शेषनाग पहुंचती है। यह सफर करीब 9 किलोमीटर का है। अगले दिन शेषनाग से यात्री पंचतरणी जाते हैं। यह शेषनाग से करीब 14 किलोमीटर दूर है। पंचतरणी से गुफा सिर्फ छह किलोमीटर रह जाती है। दूसरा रूट बालटाल रूट है। अगर समय कम हो तो बाबा अमरनाथ दर्शन के लिए बालटाल रूट से जा सकते हैं। इसमें सिर्फ 14 किलोमीटर की चढ़ाई होती है, लेकिन यह एकदम खड़ी चढ़ाई है। इसलिए बुजुर्गों को इस रास्ते पर दिक्कत होती है। इस रूट पर संकरे रास्ते और खतरनाक मोड़ हैं।
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दर्शन के लिए जिले के करीब दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मेडिकल प्रक्रिया को पूरा करवाया है। अब जैसे-जैसे यात्रा शुरू होने के दिन नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे श्रद्धालु भी मेडिकल प्रक्रिया पूरी करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। -डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल जींद।