14जेएनडी03: नागरिक अस्पताल। फाइल फोटो
जींद। नागरिक अस्पताल में मरीजों के साथ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के व्यवहार को लेकर स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है। इसको लेकर सीएमओ डाॅ. सुमन कोहली ने सभी चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को उपचार के दौरान मरीजों से शालीन व्यवहार करने को कहा है।
हालांकि सीएम जनसंवाद और सीएम विंडो समेत विभिन्न माध्यमों से शिकायतें मिल रही थीं कि अस्पतालों में मरीजों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा। कई मामलों में मरीजों का उपचार चिकित्सकों के बजाय कनिष्ठ कर्मचारियों द्वारा किए जाने की भी शिकायत सामने आई हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है और मरीजों को असुविधा झेलनी पड़ती है।
सोशल मीडिया पर भी ऐसे मामलों के उजागर होने से विभाग की छवि धूमिल होने की बात कही गई है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें। मरीजों की जांच और उपचार केवल अधिकृत चिकित्सकों द्वारा ही किया जाए।
अस्पतालों में सेवा गुणवत्ता और मरीज संतुष्टि की नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि किसी प्रकार की लापरवाही सामने न आए।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तुरंत उपचार दिया जाए। बच्चों और बुजुर्ग मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज दिया जाए। मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखने के लिए चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के कदम से मरीजों का अस्पताल में मिलने वाली सेवाओं पर भरोसा ज्यादा होगा। निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।इससे अस्पतालों में उपचार व्यवस्था और सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा तथा मरीजों को सम्मानजनक और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। -डाॅ. सुमन कोहली, सीएमओ नागरिक अस्पताल