पत्रकारों से बातचीत करते टेकराम कंडेला। संवाद
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जींद जिले की जनता के साथ सभी सरकारों ने धोखा किया है। जींद राजनेताओं के केंद्र में रहा, लेकिन यहां विकास को लेकर कुछ नहीं किया गया। यह बात सोमवार को जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सर्वजातीय खाप पंचायतों के राष्ट्रीय संयोजक व जन कल्याण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष टेकराम कंडेला ने कही।
उन्होंने कहा कि 1986 में चौधरी देवीलाल द्वारा समस्त हरियाणा सम्मेलन जींद में बुलाया गया। उसके बाद चौधरी देवीलाल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद जींद राजनीति का केंद्र बिंदु बन गया। जींद से ही सभी पार्टियां अपना राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करती हैं, परंतु जींद जिले की अनदेखी हुई है। जींद जिले के युवाओं में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। कंडेला ने केंद्र व हरियाणा सरकार से मांग की है कि जींद में औद्योगिक कारखाना स्थापित किया जाए। इससे यहां के युवाओं को रोजगार मिल सके। जिले के आधे से अधिक गांवों में तालाबों में गंदा पानी भरा है। फिरनी कच्ची पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मौसम की मार के चलते गेहूूं का उत्पादन प्रभावित हुआ है। ऐसे में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती देने के लिए सरकार को प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस दिया जाए। किसान आंदोलन के दौरान हुए फैसले के अनुसार एमएसपी पर कमेटी बनाकर तुरंत लागू किया जाए। मुकदमे वापस हों। पंजाब की तर्ज पर हरियाणा में भी पूर्व विधायकों की एक पेंशन लागू की जाए। इस दौरान भाकियू प्रधान हजूरा सिंह, जन कल्याण मंच के उपप्रधान अभेराम रेढू, डॉ. बलराज कंडेला, सत्यवान रेढू, सतबीर रेढू, प्रदीप अहलावत मौजूद रहे।