आसमान में दिखाई देते हवा में उड़ते धूल-कण। संवाद
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जींद। प्रशासन की सख्ती के बावजूद जिले में वायु प्रदूषण कम नहीं हो रहा है। प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर चल रहा है। चार दिन पहले जींद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा था। शनिवार को जींद में एक्यूआई पीएम-10 का स्तर 344 दर्ज किया गया था लेकिन रविवार को फिर से यह 352 तक पहुंच गया। ऐसे में प्रशासन की सख्ती भी कोई खास काम नहीं आ रही है। लगातार वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है।
जिला प्रशासन तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी जिले में लगातार निगरानी रखे हुए हैं। शनिवार को दो फैक्टरियों को बंद करवाया गया। इसके अलावा जिले में एक टायर की फैक्टरी को भी पिछले दिनों बंद करवाया था। किसानों द्वारा पराली जलाने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। इस समय हलकी धुंध पड़नी शुरू हो गई है। इस कारण वातावरण में फैले धूल-कण धुंध के कारण भारी होकर नीचे आ रहे हैं। इससे वायु का प्रदूषण भी बढ़ रहा है। जब तक हल्की बारिश नहीं हो जाती, तब तक वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य आना काफी मुश्किल है। पिछले कुछ दिन से प्रशासन द्वारा पानी का छिड़काव शुरू करवा गया है। इससे सड़कों पर उड़ने वाली धूल से कुछ छुटकारा मिला है। इसके अलावा कई स्थानों पर पानी छिड़कने के बावजूद कुछ समय बाद ही धूल उड़ने लग जाती है।