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Jind News: पराली प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग ने लगाया जागरूकता कैंप

Fri, 03 Oct 2025 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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03जेएनडी14 : पराली प्रबंधन व पराली न जलाने को लेकर जागरूक करते हुए। स्रोत कृषि विभाग। - फोटो : मैराथन दौड़ के बाद समाजसेवी समाजसेवी अविरल सिंह को सम्मानित करते पाटेश्वरी प्रसाद।
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नरवाना। शुक्रवार को कृषि और किसान कल्याण विभाग नरवाना की ओर से किसानों को पराली प्रबंधन व पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जग जागरूकता शिविरों का आयोजन किया। इस दौरान विभाग की टीम में सहायक प्रौद्योगिकी प्रबंधक अधिकारी राजेश कौशिक, प्रवीण कुंडू और अमृतपाल शामिल रहे।
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अधिकारियों ने सबसे पहले खरल स्थित कन्या गुरुकुल में जाकर छात्राओं को पराली प्रबंधन के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पराली को खेतों में जलाने से न केवल मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है बल्कि वातावरण में जहरीली गैसें फैलती हैं जिससे मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है।
पराली जलाने से हवा में धूलकण और कार्बन का स्तर बढ़ता है जिससे सांस और आंखों की बीमारियां फैलती हैं। साथ ही मिट्टी की नमी और लाभकारी जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं। इसके बाद टीम गांव उझाना, पीपलथा, हथो, दातासिंह वाला और बेलरखा में पहुंची।
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वहां पर किसानों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को पराली प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया। किसानों को समझाया गया कि पराली को जलाने की बजाय मशीनों जैसे हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रोटावेटर व अन्य यंत्रों की मदद से खेत में ही पराली को मिलाकर खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी बढ़ती है और पर्यावरण प्रदूषण से भी बचाव होता है। अधिकारियों ने अपील की कि किसान पराली प्रबंधन को अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विभाग समय-समय पर ऐसे जागरूकता अभियान चलाता रहेगा ताकि प्रदूषण पर काबू पाया जा सके और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण मिल सके।
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