जींद। सीएम विंडो की लंबित शिकायतों का लंबे समय से समाधान नहीं होने पर महानिदेशक स्वास्थ्य जिला स्वास्थ्य विभाग से काफी खफा हैं। उन्होंने सिविल सर्जन समेत अन्य अधिकारियों को लंबित शिकायतों का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया है। इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने 19 अप्रैल को बैठक बुलाई है। इसमें शिकायतों के लंबित होने का कारण जाना जाएगा। इसके पीछे अगर स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही मिली तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जिला स्वास्थ्य विभाग की 12 शिकायतें लंबे समय से लंबित हैं।
महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सीएम विंडो पर स्वास्थ्य विभाग की काफी शिकायतें लंबित हैं। इनमें से कई शिकायतें तीन महीने से अधिक समय से लंबित हैं। कुछ अधिकारी इस बारे में काफी लापरवाही बरत रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी शिकायतों का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि सीएम के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर 19 अप्रैल को इन शिकायतों को लेकर बैठक लेंगे। यदि अधिकारियों की लापरवाही से शिकायतों के समाधान में देरी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की 12 शिकायतें लंबित थी जिनका समाधान कर रिपोर्ट महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को भेज दी गई थीं। इसके बाद भी ये फाइल नहीं हो पाई हैं। अब इनको काफी लंबा समय हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी समय पर शिकायतों का समाधान करते हैं। बैठक में पता चलेगा कि ये शिकायतें अब तक फाइल क्यों नहीं हुई हैं।-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन।