जींद। पिल्लूखेड़ा पंचायत समिति की चेयरपर्सन को लेकर विरोध कर रहे सदस्यों को एक बार फिर निराशा ही हाथ लगी है। हालांकि सदस्य प्रशासन पर जानबूझकर चुनाव टालने का आरोप लगाया है। वहीं इस मामले में एक स्थानीय भाजपा नेता की भूमिका पर भी विरोधी सदस्य सवाल उठा रहे हैं।
उपतहसील कार्यालय में वीरवार को पंचायत समिति सदस्यों द्वारा चेयरपर्सन पिंकी देवी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए प्रशासन ने दोपहर बाद ढाई से तीन बजे का समय रखा था। विरोधी सदस्यों का कहना है कि वे 13 सदस्य विरोध करते हुए डीसी अमित खत्री से मिले थे। इसके बाद ही 31 अगस्त का दिन अविश्वास पर मतदान के लिए निर्धारित किया गया था। इन सदस्यों का कहना है कि वे लोग पौने तीन बजे कार्यालय के बाहर पहुंच गए, लेकिन यहां जानबूझ कर उनकी सुरक्षा जांच और पहचान पत्र के नाम पर उन्हें देर तक बाहर रोका गया। जब तक उनकी औपचारिकताएं पूरी हुई, मतदान करवाने पहुंचे एडीसी धीरेंद्र खड़गटा एक भाजपा नेता के साथ उनके घर चले गए। वहीं प्रशासन ने चुनाव स्थगित करने का ऐलान कर दिया।
प्रशासन के खिलाफ रोष
यहां मौजूद सभी सदस्यों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि वे समय पर कार्यालय पहुंच गए थे, लेकिन प्रशासन ने खुद का कानून बना लिया है। अब इसके लिए अदालत का सहारा लिया जाएगा। सदस्य रोशन लाल, विनोद, महेंद्र, संदीप व महिला सदस्यों के साथ-साथ वाइस चेयरपर्सन प्रमिला देवी के पति महाबीर शर्मा द्वारा आरोप लगाया कि प्रशासन ने जान बूझकर उनके साथ धोखा किया है।
कुल 18 सदस्य
पिल्लूखेड़ा पंचायत समिति में कुल 18 सदस्य हैं। इनमें से 13 पार्षदों ने बगावत की थी। 11 अगस्त को ब्लॉक समिति की चेयरमैन पिंकी देवी पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए डीसी अमित खत्री को अविश्वास का पत्र सौंपा था।
नहीं पहुंचे सदस्य
कार्यक्रम देखरेख कर रहे एडीसी धीरेंद्र खड़गटा के अनुसार सदस्यों को दोपहर बाद दो से तीन बजे तक का समय दिया गया था। तीन बजे तक दोनों में से किसी भी पार्टी के नहीं पहुंचने पर इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। अविश्वास प्रस्ताव डालने वाली पार्टी के लेट आने के कारण द्वारा अगली कार्रवाई तक पिंकी देवी चेयरपर्सन की कुर्सी पर काबिज रहेंगी।
जींद पहुंचे बागी सदस्य
इसके बाद चेयरमैन का विरोध कर रहे पंचायत समिति सदस्यों ने जींद पहुंच कर डीसी अमित खत्री से मुलाकात करनी चाही, लेकिन वे ऑफिस में नहीं मिले। इस पर सदस्यों ने फोन पर ही डीसी अमित खत्री को पूरे मामले की जानकारी दी। डीसी ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।