उचाना में स्थापित आरटीपीसीआर लैब।
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18 राज्यों में दोहरे म्यूटेंट के कोरोना वायरस मिलने से जिला स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। हालांकि जिले में इस तरह के म्यूटेंट का वायरस नहीं मिला है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने स्ट्रेन की जांच के लिए 70 सैंपल दिल्ली स्थित आईजीआईबी लैब भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि कोरोना के स्वरूप में किसी प्रकार का बदलाव आया है कि नहीं। जिस तरह से मार्च में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं उसे देखते हुए जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग चिंतित नजर आ रहा है। नागरिक अस्पताल उचाना में आरटीपीसीआर लैब स्थापित है। पूरे जिले के सैंपलों की जांच यहां पर की जाती है। अब दोबारा से मामला बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। देश में फिलहाल यूके, अफ्रीका और ब्राजील के स्ट्रेन मिले हैं। इसे इतना अधिक खतरनाक नहीं माना जा रहा है। लेकिन 18 राज्यों में दोहरे म्यूटेंट के मिले वायरस ने चिंता बढ़ा दी है। 70 सैंपलों को कोरोना स्ट्रेन की जांच के लिए भेजने के साथ 5 अन्य सैंपल जिनोमिक सर्विलॉन्स के लिए भेजे गए हैं।
संक्रमित लोगों में से पांच प्रतिशत सैंपलों को जांच के लिए भेजा जाता है। इसमें पता चलेगा कि जिले में वायरस का कौन सा स्ट्रेन है। फिलहाल देश में यूके, अफ्रीका और ब्राजील स्ट्रेन के वायरस मिले हैं। 70 सैंपलों को दिल्ली की आईजीआईबी लैब भेजा गया है। डॉ. जेके मान, आरटीपीसीआर लैब इंचार्ज। संवाद