आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों को हटाने के आदेश के विरोध में दो घंटे काम का बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेश सरकार द्वारा 365 रोडवेज कर्मचारियों को हटाना के आदेश दिए गए हैं। इसमें जींद डिपो के 11 चालक भी शामिल हैं। जिसके विरोध में रोडवेज वर्कशॉप परिसर में कर्मचारियों ने दो घंटे तक काम का बहिष्कार कर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 2016 में चालकों की कर्मी के कारण प्रदेश सरकार ने जींद डिपो में आउटसोर्स पॉलिसी-2 के तहत 11 चालकों की भर्ती की थी। प्रदेश सरकार ने एक साल के लिए चालकों की भर्ती की थी। एक साल बाद जब आउटसोर्स के तहत लगे कर्मचारियों को हटाया जाना था।
एक साल के बाद भी एसएस बोर्ड के तहत चालकों की भर्ती नहीं की गई थी। ऐसे में जब प्रदेश सरकार ने 2017 में आउटसोर्स पॉलिसी-2 के तहत लगे चालकों को हटाने के आदेश दिए तो रोडवेज यूनियन सदस्यों ने प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार को चक्का जाम करने की चेतावनी थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स पॉलिसी-2 के तहत लगे 11 चालकों को नहीं हटाया। जब प्रदेश सरकार ने किलोमीटर स्कीम व 720 प्राइवेट बसों को लाने के आदेश दिए तो रोडवेज कर्मचारियों ने 18 दिन तक मांगों को लेकर हड़ताल की। जिस दौरान एसएस बोर्ड के तहत 14 चालकों को भर्ती किया गया था। हड़ताल के दौरान आउटसोर्स पॉलिसी दो के तहत लगे 11 चालक भी शामिल थे। हड़ताल के दौरान आउटसोर्स के तहत लगे 11 चालकों को शामिल होने पर हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन हड़ताल को खत्म करने के लिए हाईकोर्ट द्वारा स्थिति सामान्य करने के आदेश दिए। हड़ताल के बाद प्रदेश सरकार ने चालक व परिचालकों का ओवर टाइम बंद कर दिया। अब प्रदेश सरकार ने हड़ताल के बाद 365 कर्मचारियों को हटाने के आदेश दिए, जिसमें जींद डिपो के 11 चालक भी शामिल हैं।
तालमेल कमेटी के निर्णय पर होगा फैसला
प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों को हटाने के आदेश पर रोडवेज कर्मचारियों ने वर्कशॉप परिसर में दो घंटे के लिए काम छोड़ प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हरियाणा रोडेवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रधान सज्जन कंडेला ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक साल के कर्मचारियों को आउटसोर्स पॉलिसी-2 के तहत 11 चालकों को भर्ती किया था। हड़ताल में कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन किया था। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों का ओवर टाइम बंद कर दिया और अब प्रदेश सरकार कर्मचारियों को हटाने पर लगी हुई है। प्रदेश भर में 365 रोडवेज कर्मचारियों को प्रदेश सरकार ने हटाने के आदेश जारी किए हुए हैं। जिसके विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने दो घंट के लिए काम का बहिष्कार कर रोष जताया। अब पांच दिसंबर को रोहतक में तालमेल कमेटी की बैठक है। तालमेल कमेटी जो फैसला करेगी, वह फैसला अमल में लाया जाएगा।
2017 से कर्मचारियों को हटाने के लिखित आदेश पर कर्मचारियों की जिद्द के आगे झुकी सरकार
2016 में आउटसोर्स पॉलिसी-2 के तहत 11 चालकों की भर्ती की गई थी। 2017 में प्रदेश सरकार ने विभाग को कर्मचारियों को हटाने के लिखित में आदेश दिए थे, लेकिन रोडवेज कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण 11 चालकों को नहीं हटाया गया। इससे बाद रोडवेेज कर्मचारियों द्वारा 18 दिन की गई हड़ताल में यह चालक भी शामिल थे। प्रदेश सरकार ने हड़ताल के दौरान इन कर्मचारियों का हटाने के आदेश दिए थे। हाई कोर्ट द्वारा हड़ताल को खत्म करने के लिए स्थिति सामान्य रही। अब प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 365 कर्मचारियों को हटाने के आदेश जारी किए हैं। जिसमें आउटसोर्स पॉलिसी-2 के तहत लगे 11 चालकों को हटाने के आदेश प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए हैं। खास बात यह रही कि 2017 से कर्मचारियों को हटाने के लिए आदेश जारी हो रखे हैं, लेकिन 2017 से कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है।