आयुष्मान भारत योजना के प्रति लोगों में रुझान कम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिले में आयुष्मान भारत योजना को लेकर लोगों का रुझान काफी कम दिखाई दे रहा है। इस योजना के तहत लोगों को एक साल में पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज करवाने की सुविधा दी गई है, इसके बावजूद दो महीने में अब तक सिर्फ 7500 लोगों ने ही गोल्डन कार्ड बनवाए हैं। जिला में योजना के तहत 80 हजार परिवारों को पात्र बनाया गया है और इसके लिए कुल साढ़े चार लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। वहीं अब प्रशासन ने इस योजना के तहत चार ओर निजी अस्पतालों को पैनल में जोड़ दिया है। इससे कुल दस निजी अस्पतालों में लाभ मिल सकेगा।
भारत सरकार ने यह योजना 24 सितंबर को शुरू की थी। सरकार द्वारा तैयार की गई सूची के अनुसार जिले में 80 हजार परिवारों के साढ़े चार लाख से ज्यादा लोग के गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। इस योजना में परिवार के हर सदस्य का अलग से कार्ड बनाया जाएगा। जिसका वह लाभ ले सकता है। आयुष्मान विभाग में तैनात डॉ. विवेक ने कहा कि लोगों का इस योजना के प्रति रुझान कम है, जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को शिविरों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद अब तक काफी कम संख्या में लोगों ने कार्ड बनवाए हैं। इस योजना से जरूरतमंद लोगों को काफी मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशा वर्कर को सख्त आदेश दिए गए हैं कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा इस योजना के बारे में जानकारी दी जाए। पात्र लोगों को अब जिले के कुल दस निजी अस्पतालों में इलाज मिल सकेगा। पहले योजना के तहत छह अस्पताल थे, लेकिन चार और अस्पताल पैनल में आ गए हैं। अब चार सरकारी अस्पतालों के अलावा दस निजी अस्पतालों में भी योजना के पात्र मरीज मुफ्त इलाज करवा सकेंगे।
50 लोगों ने उठाया योजना का लाभ
आयुष्मान भारत योजना 24 सितंबर को शुरू की गई थी। इसके तहत चार नागरिक अस्पताल व छह निजी अस्पताल पैनल में शामिल हैं। इसके तहत जरूरतमंद लोगों का इलाज किया जाता है। दो महीने के बाद 50 लोगों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत किया गया है। एक व्यक्ति ने निजी अस्पताल में भी इस योजना के तहत इलाज करवाया है।
ऐसे मिलेगा लाभ
जिस व्यक्ति का नाम सूची में शामिल है और वह गोल्डन कार्ड बनवाना चाहता है वह आधार कार्ड, राशन कार्ड व अन्य दस्तावेजों के साथ आयुष्मान मित्र से मिले। वह कंप्यूटर में डाटा की जांच करेगा। अगर व्यक्ति का नाम सूची में हुआ तो उसका गोल्डन कार्ड बना दिया जाएगा। जब भी जरूरत होगी तो अस्पताल में वह कार्ड दिखाकर अपना मुफ्त इलाज करवा सकता है। यह स्कीम कैश लेस होगी। योजना के तहत परिवार के सभी सदस्यों का अपना अलग से गोल्डन कार्ड बनाया जाता है। जिसमें परिवार के सदस्य कितने भी हो सकते हैं। योजना में पंजीकृत किसी भी नागरिक व निजी अस्पताल में आदमी अपना इलाज करवा सकता है। बीमा कवर करने के लिए व्यक्ति की कोई उम्र बाध्य नहीं है। इसमें पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर होंगी।