अर्बन इस्टेट में सड़कों का चल रहा धीमा काम, लोगों में रोष
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। तीन माह पहले शुरू हुए अर्बन इस्टेट की गलियों का काम धीमी गति से चल रहा है। गलियों को बनाने का काम भी सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। इसके विरोध में अर्बन इस्टेट के लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। साथ ही लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने पहले पूरे अर्बन इस्टेट की सड़कों को उखाड़ दिया और अब निर्माण बहुत ही धीमी गति से हो रहा है। ऐसे में सड़क निर्माण लोगों के लिए आफत बन गया है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि वर्क ऑर्डर के अनुसार ठेकेदार को यह काम 31 अगस्त 2019 तक पूरा करना है, लेकिन मौके पर पहुंचे एसडीएम विरेंद्र सहरावत ने माना कि पूरे अर्बन इस्टेट की सड़कों का उखाड़ना गलत है। अब सड़क उखड़ चुकी है तो ऐसे में लोगों को परेशानी झेलनी ही पड़ेगी।
दरअसल 19 करोड़ रुपये से बनने वाली अर्बन इस्टेट की सड़कों का काम अगस्त में शुरू हुआ था। अर्बन इस्टेट, सेक्टर 11 व डिफेंस कॉलोनी में कुल 37 किलोमीटर की लंबी सड़कों का निर्माण किया जाना है। जिस समय काम शुरू हुआ तब अधिकारियों ने कहा था कि प्रतिदिन उतनी ही सड़क उखाड़ी जाएगी, जितनी उस दिन बन सके। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ठेकेदार ने पूरे अर्बन इस्टेट और डिफेंस कॉलोनी की सड़कों को पहले ही उखाड़ दिया। इसके चलते लोगों को यहां चलने में भी दिक्कत आ रही है। इसको लेकर अर्बन इस्टेट के लोगों और जाट धर्मार्थ सभा के पदाधिकारियों ने सोमवार को पत्रकार वार्ता बुलाई।
सभा के महासचिव संजय पंवार ने कहा कि जब से अर्बन इस्टेट को हुडा से बदलकर नगर परिषद को सौंपा गया है, यहां कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। पहले हुडा हर साल या किसी वीआईपी के आने पर पैच वर्क करता था, लेकिन चार साल से वह भी नहीं हो पाया है। लोगों ने कहा कि अर्बन इस्टेट पॉश कॉलोनी है और यहां के लोग मोटा टैक्स देते हैं, लेकिन यहां कोई सुविधा उन्हें मुहैया नहीं करवाई जा रही है। इससे अच्छा है कि लोग कच्ची और अवैध कॉलोनियों में रहें। इस मौके पर रोहित ढांडा, डॉ. बलवान सिंह, सुरेंद्र खटकड़, मियां सिंह, रणदीप सहारण, हरदीप सांगवान, नेहरू सिंह मलिक, देवेंद्र पंवार और आजाद लाठर मौजूद रहे।
घरों में कैद होने को मजबूर हैं लोग
लोगों ने कहा कि ठेकेदार ने अर्बन इस्टेट की सड़कों को खोद कर नीचा कर दिया है। इससे लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। न तो गाड़ियां घर तक पहुंच रही हैं और न ही बुजुर्ग और बच्चे घरों से बाहर निकल पा रहे हैं। संजय पंवार ने कहा कि जाट धर्मशाला में पहले सैकड़ों बुुजुर्ग आते थे, लेकिन सड़क उखाड़ने के बाद से यहां लोग नहीं पहुंच पा रहे हैं। दरअसल अब सड़क इतनी नीची हैं कि लोग जाट धर्मशाला में चढ़ ही नहीं पा रहे हैं।
बढ़ रहा है प्रदूषण
लोगों ने कहा कि अर्बन इस्टेट की सड़कें एक साथ उखाड़ देने से यहां प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं कर रहा है। इससे दिनभर धूल उड़ती रहती है। वहीं लोगों का कहना है कि अर्बन इस्टेट में शहर के तीन बड़े स्कूल हैं। अकेले डीएवी स्कूल में प्रतिदिन अभिभावकों व विद्यार्थियों को मिलाकर करीब पांच हजार हजार लोग आते हैं। इनको आने-जाने का रास्ता तक नहीं मिल रहा है।
लोगों ने पानी निकासी पर उठाए सवाल, एसडीएम बोले पानी नहीं निकला तो करवाएंगे एफआईआर
इस पूरे विवाद के बाद दोपहर बाद एसडीएम मौका देखने अर्बन इस्टेट पहुंचे। लोगों ने कहा कि सड़क बहुत नीची बनाई जा रही है और गंदे पान की निकासी के लिए बनाए गए नाले बहुत ऊंचे हैं। ऐसे में पानी की निकासी नहीं हो पाएगी। इस पर एसडीएम ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर करवाई जाएगी। वहीं नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि सड़कों का निर्माण लेवल के अनुरूप ही किया जा रहा है।
प्रशासन ने गलियां उखड़वा तो दीं, लेकिन निर्माण नहीं हो रहा है। बच्चों को स्कूल पहुंचाने व वापस लाने में काफी दिक्कत होती है। सड़कों का निर्माण जल्द करवाया जाए।
नसीब सिंह, अर्बन इस्टेट निवासी
बिना लेवल के सड़क बनाई जा रही है। इससे आने वाले समय में पानी निकासी की समस्या होगी। लोग घरों से बाहर भी नहीं निकल पा रहे हैं। लोगों को राहत मिलनी चाहिए।
नेहरू सिंह मलिक
लोगों की शिकायत पर मैंने मौका देखा है। लोगों को आशंका है कि सड़क निर्माण के बाद पानी की निकासी नहीं होगी, लेकिन संबंधित इंजीनियर ने बताया है कि सड़क सही लेवल में बनाई जा रही हैं। हां ठेकेदार ने एक साथ सभी सड़कें उखाड़ दी हैं। अब काफी तेजी से काम चल रहा है।