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धान खरीद में चल रही वचंती के विरोध में उतरी भारतीय किसान यूनियन डीसी से ज्ञापन देकर धान खरीद में वचंती बंद करवाने की उठाई मांग

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उचंती के विरोध में डीसी दरबार पहुंचे किसान
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अनाज मंडियों में धान की खरीद के लिए अपनाई उचंती के तरीके का विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन ने इसे लेकर डीसी को ज्ञापन देकर उचंती को बंद करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि धान की खरीद बोली पर होनी चाहिए। भाकियू के जिला प्रधान लीलू ने डीसी को दिए ज्ञापन में कहा कि जिलेभर की अनाज मंडियों में धान की खरीद उचंती पर की जा रही है। इससे किसानों को मजबूर होकर व्यापारियों को धान बेचना पड़ रहा है। व्यापारी दिन में एकाध ही घंटा धान की बोली पर खरीदते हैं। इसके बाद किसानों की फसलों को मनमाने भाव पर खरीदने के लिए उचंती शुरू कर देते हैं। बोली नहीं होने के चलते किसानों को अपना धान उचंती पर सस्ते दामों में बेचना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उचंती होने के कारण किसानों की फसल मंदे में बेचनी पड़ती है। इससे किसानों की फसल पर हुआ खर्च भी पूरा नहीं होता। उचंती पर धान की फसल 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल कम में बिक रहा है। यही कारण है कि किसान को प्रति एकड़ दो से ढाई हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। इस अवसर पर प्रेम सिंह, रामभज, बलवान सिंह, आजाद सिंह, भानाराम, होशियार सिंह, प्रदीप सिंह मौजूद रहे।
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दो दिसंबर तक 439955 एमटी धान की हुई खरीद
दो दिसंबर तक जिलेभर की मंडियों में 439955 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। सफीदों मंडी में सर्वाधिक 85861 मीट्रिक टन, नरवाना मंडी में 80133 मीट्रिक टन, जींद मंडी में 78488 मीट्रिक टन, जुलाना मंडी में 73630 मीट्रिक टन, पिल्लूखेड़ा 43736 मीट्रिक टन, उचाना 22609 मीट्रिक टन, धमतान साहिब में 19130 मीट्रिक टन, अलेवा मंडी में 17669 मीट्रिक टन, गढ़ी मंडी में 15768, खरल मंडी में 2637 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई।
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