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नहीं मिल रहा मिड-डे-मिल

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सफीदों। राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल हाट में स्कूल स्टाफ व मिड-डे मिल ग्रुप से हटी महिला को लेकर हुई तनातनी से बच्चों को तीन दिन से मिड-डे मिल नहीं मिल रहा है। जिसके चलते स्कूल में शनिवार व सोमवार को मिड-डे मिल न पकने से बच्चों को बिस्कुट बांट कर खानापूर्ति की गई। ग्रुप से निकली हुई एक महिला द्वारा खाना बनाने को लेकर ग्रुप की अन्य महिलाओं के साथ कहासुनी हो रही है। इसको देखते हुए स्कूल मिड-डे मिल इंचार्ज भीम सिंह व प्राचार्य प्रवीण कुमार ने मिलकर जब तक ग्रुप की महिलाओं का आपसी समाधान न हो जाने तक रसोई को ही ताला लगा दिया। बीएमसी राधे कृष्ण के अनुसार रसोई को ताला लगाने का स्कूल स्टाफ के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। स्कूल स्टाफ ग्रुप की महिलाओं की किसी भी विषय संबंधित शिकायत तो कर सकते है, लेकिन रसोई को ताला नहीं लगा सकते है। उधर बीइओ डॉ. नरेश वर्मा ने बताया कि ग्रुप की महिला में हुई तनातनी के बारे मेें स्कूल स्टाफ द्वारा कोई शिकायत उनके पास नहीं दी। रसोई पर ताला किसने व क्यों लगाया गया है। इसकी जांच की जाएगी। जानकारी के अनुसार गांव हाट के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पिछले काफी समय से मिड-डे मिल बनाने के लिए जय शेरावाली सहायता समूह की महिलाओं की जिम्मेवारी लगाई हुई है। ग्रुप संचालक उर्मिला के अनुसार कुछ दिन पहले ग्रुप की एक महिला स्वयं ही ग्रुप से निकल गई थी। उसके बाद भी जबरदस्ती खाना बनाने के लिए स्कूल में पहुंच गई। जिसको मना किया गया तो वह झगड़े पर उतारू हो गई। हम सभी महिलाएं मिड-डे मील बनाने को तैयार थे, लेकिन स्कूल प्राचार्य व मिड-डे मिल इंचार्ज ने एक नहीं सुनी और रसोई को ताला लगा दिया। जिससे स्कूल की प्राइमरी विंग व मिडल विंग में एक सितंबर से मिड-डे मिल नहीं बन सका। स्टाफ ने दो दिन बिस्कुट बांट कर खानापूर्ति की।
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प्राचार्य प्रवीण ने बताया कि मिड-डे मिल वर्करों के बीच आए दिन किसी बात को लेकर झगड़ा हो रहा है। इस वजह से उन्होंने इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी को दी है। खंड शिक्षा अधिकारी इस मामले में कार्रवाई करेंगे। फिलहाल बच्चों को बिस्कुट के पैकेट खाने के लिए दिए जा रहे है।

ब्लॉक मिड-डे मिल कोआर्डिनेटर राधे कृष्ण ने बताया कि ग्रुप में से कमलेश नामक महिला स्वयं प्रस्ताव के माध्यम से ग्रुप से अलग हुई है। जिसकी जांच करके दूसरी महिला को ग्रुप में शामिल कर दिया गया है। मंगलवार से यह ग्रुप मिड-डे मिल का कार्य सुचारू रूप से करेगा। जिसको लेकर प्राचार्य व इंचार्ज को पत्र जारी कर दिया गया है। रसोई को ताला लगाया जाना गलत है। इसके प्रति स्कूल स्टाफ को संवेदनशील रहना चाहिए। मिड-डे मिल में एक परिवार की तरह से खाना बनाया जाना चाहिए, जिसका सम्मान सभी को करना चाहिए।
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