पिल्लूखेड़ा थाना के अंतर्गत आने वाले एक गांव की किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के दोषी को अदालत ने दस साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दस माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार नौ अक्तूबर 2017 में किशोरी ने पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस में दी शिकायत में बताया कि गांव का ही युवक कई दिनों से उसका पीछा कर रहा था। इसके बारे में जब परिवार के लोगों को बताया तो घरवालों ने उसके परिजनों से शिकायत की। इसके बावजूद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। आठ अक्टूबर 2017 की रात को उसके पिता खेतों में पानी देने के लिए चले गए। घर पर उसकी बीमार मां व छोटा भाई था। देर रात को किसी ने उनके घर का दरवाजा खटखटाया तो वह खोलने चली गई। दरवाजा खोला तो देखा कि वही युवक खड़ा था। साथ में दो अन्य युवक बाइक लेकर खड़े थे। युवक ने उसके मुंह को बंद करके बाइक पर बैठकर खेतों में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। सुबह उसको घर के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में एक को नामजद करके दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दुष्कर्म के दोषी को दस साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।