पटवारी व कानूनगो की हड़ताल के चलते इंतकाल, जमाबंदी नकल, निशानदेही के काम नहीं हो सके। इसके अलावा रिहायशी प्रमाण पत्रों की तस्दीक का काम भी नहीं हो सका। यह सभी काम पटवारी व कानूनगो द्वारा किया जाता है।
झज्जर में दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के तत्वावधान में पटवारी व कानूनगो अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। उनकी यह हड़ताल 5 जनवरी तक रहेगी। लोग अपने कार्यों के लिए सुबह से ही पटवारखाना में पहुंचे हुए थे, लेकिन न तो पटवारी और न ही कानूनगो मिले।
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सभी लघु सचिवालय में मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए थे। ऐसे में लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। जिले में प्रतिदिन 500 इंतकाल, 450 जमाबंदी नकल निकलते हैं। इसके अलावा 25 से 30 जगह निशानदेही का काम करने के लिए भी जाते हैं। इसी प्रकार से लगभग 550 रिहायशी प्रमाण पत्रों की तस्दीक का काम भी जिले के पटवारखानों में होता है, लेकिन हड़ताल के चलते ऐसा नहीं हो सका।
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जिला सचिवालय के प्रांगण में रिवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो संगठन की ओर से जिला प्रधान मनीष यादव की अध्यक्षता में तीन दिवसीय सांकेतिक धरना शुरू किया गया। यह धरना तीन दिन तक चलेगा। धरना में पूर्व प्रांतीय प्रधान सूरजभान खोखर व पूर्व प्रांतीय प्रधान देवेंद्र यादव मौजूद रहे। उन्होंने पटवारी एवं कानूनगो के साथ रहकर सांकेतिक धरना को सफल बनाने की घोषणा की।
जिला प्रधान मनीष यादव, विजय पूनिया पटवारी ने कहा कि यदि सरकार द्वारा उनकी मांगों के प्रति सकारात्मकता रुख नहीं किया तो उस सूरत में यह सांकेतिक धरना अनिश्चितकालीन हड़ताल में परिवर्तित हो जाएगा। इसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।