स्वीमिंग पूल पर तैराकों का कोरोना सैम्पल लेते हुए डा. नीलम।
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बहादुरगढ़। कोरोना संक्रमण के दौर में अब स्वीमिंग पूल भी अनलॉक हो गए हैं। शहर की एक निजी एकेडमी के स्वीमिंग पूल पर भी तैराकी की रौनक लौट आई है। स्वीमिंग शुरू करवाने से पहले एकेडमी की तरफ से सभी तैराकों का कोरोना टेस्ट भी करवाया गया है। डॉ. नीलम तंवर की टीम ने तैराकों का कोरोना सैंपल लिया है।
भारतीय तैराकी संघ के सह सचिव एवं हरियाणा तैराकी संघ के महासचिव अनिल खत्री ने बताया कि कोरोना के मद्देनजर स्वीमिंग पूल पर सरकार की गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। सोमवार को 27 तैराकों का कोरोना टेेस्ट भी करवाया गया। सभी तैराकों को अपने निजी इक्वीपमेंट लाने की हिदायत है। कोई भी तैराक ग्राउंड प्रेक्टिस के दौरान एक दूसरे के इक्वीपमेंट, तौलिया, पानी या फिर मैट इस्तेमाल नहीं करेगा। सभी तैराक अपना पानी खुद लेकर आएंगे। मास्क और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा। एक-दूसरे से दूरी भी मेंटेन करवाई जा रही है। सभी को हिदायत दी गई है कि स्वीमिंग पूल पर दरवाजे, दीवार या फिर कुर्सी और बैंच को छूने की मनाही भी की गई है।
प्रतिदिन जांचा जाएगा पानी का पीएच लेवल
अनिल खत्री ने बताया कि स्वीमिंग पूल में क्लोरीन और पानी का पीएच लेवल भी हर रोज जांचा जाएगा। पानी की जांच के बाद ही तैराकों को पूल में उतरने दिया जाएगा। स्वीमिंग पूल में एक लेन के अंदर दो तैराक रहेंगे जो एक दूसरे से निर्धारित दूरी का पालन भी करेंगे। अनिल खत्री ने बताया कि स्वीमिंग पूल के कोचिंग स्टाफ का भी कोरोना टेस्ट करवाया गया है। सभी तैराकों को तापमान भी हर रोज मापा जाता है। खत्री ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क, सैनिटाइजर और दूरी का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वीमिंग से इम्यूनिटी बढ़ती है। शरीर मजबूत होता है और मजबूत शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी ज्यादा होती है। इसलिए तैराकों को स्वीमिंग के साथ ग्राउण्ड प्रैक्टिस भी करवाई जाती है।