झज्जर। गांव सिलाना में करीब 25 साल पहले हुई एक युवक की हत्या के मामले में दो आरोपियों को सीआईए टू बहादुरगढ़ ने पंजाब और गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी वीरपाल करीब 8 साल से पंजाब के होशियारपुर में एक पापुलर की नर्सरी पर काम कर रहा था, जबकि सुखराज करीब 4 साल से गुरुग्राम के न्यू पालम विहार की एक सोसाइटी में माली का काम देख रहा था।
उप पुलिस अधीक्षक शमशेर सिंह ने बताया कि 11 अगस्त 1998 को झज्जर के गांव सिलाना की बनी में बदायूं, यूपी निवासी युवक महेंद्र सिंह की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। महेंद्र उस वक्त झज्जर के विजय नगला गांव में रह रहा था। वह सोनीपत के हरसाना कलां गांव स्थित एक मशरूम फार्म पर काम करता था। उसके साथ उसके गांव के रहने वाले चार अन्य लोग जयराम, अमर सिंह, सुखराज, वीरपाल भी काम करते थे। चारों को संदेह के दायरे में रखते हुए पुलिस ने धरपकड़ शुरू की, लेकिन सभी फरार हो चुके थे। करीब 6 माह बाद पुलिस ने जयराम और उसके भाई अमर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन, सुखराज व वीरपाल तमाम प्रयासों के बावजूद पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाए थे।
5-5 हजार का ईनाम किया गया था घोषित
रोहतक पुलिस रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने दोनों आरोपियों पर 5-5 हजार रुपये का ईनाम घोषित कर दिया था। लेकिन, इसके बाद भी उनका कोई सुराग नहीं लगा। वर्तमान में एसपी ने दोनों आरोपियों को पकड़ने का जिम्मा बहादुरगढ़ सीआईए 2 के इंस्पेक्टर विवेक मलिक की टीम को सौंपा था। इंस्पेक्टर मलिक की टीम ने पूरे मामले की शुरू से गहराई में जाकर पड़ताल की और तेजी से सूचनाएं एकत्रित करते हुए एक साथ अलग-अलग टीमें बनाकर छापामारी कर वीरपाल को होशियारपुर पंजाब और सुखराज को गुरुग्राम क्षेत्र से पकड़ा।
शराब पीकर मारपीट करता था महेंद्र
आरोपियों ने पूछताछ में कहा है कि महेंद्र शराब पीने का आदी था। जब वे सोनीपत के हरसाना कलां गांव में मशरूम फार्म पर रहते थे, तो महेंद्र अक्सर उन लोगों के साथ शराब के नशे में मारपीट करता था। इससे तंग आकर उन्होंने महेंद्र को बहाने से झज्जर के सिलाना गांव की बणी में बुलाया और अंगोछे से गला घोंटकर हत्या कर दी थी।