टीकरी बार्डर सील करने के लिए लाए गए ट्रॉले। संवाद
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बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन की वर्षगांठ और 29 नवंबर को प्रस्तावित संसद भवन तक ट्रैक्टर मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट हो गई है। दिल्ली पुलिस की ओर से ट्रैक्टर मार्च को लेकर किसानों को अब तक अनुमति नहीं दी गई है और न ही पुलिस इस मार्च के लिए अनुमति देने को तैयार है। पुलिस ने ट्रैक्टर मार्च की संभावना को देखते हुए बार्डरों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। निजामपुर बार्डर बंद कर दिया गया है। टीकरी बार्डर को भी सील किया जा सकता है।
टीकरी बार्डर पर फिलहाल सड़क किनारे कई ट्रॉले खड़े कर दिए गए हैं। यहां बाइक, रिक्शा, पैदल आवागमन के लिए खोले गए पांच फुट के रास्ते को भी दिल्ली पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर सकती है। उधर, टीकरी बार्डर पर किसानों की संख्या बढ़ रही है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान बार्डर पर पहुंचने की संभावना है। किसान नेताओं का कहना है कि यहां एक लाख से ज्यादा किसान आंदोलन की वर्षगांठ मनाने के लिए पहुंच रहे हैं। एक सप्ताह पहले तक टीकरी बार्डर पर किसानों के टेंट तो कई किलोमीटर में गड़े नजर आ रहे थे, लेकिन किसानों की संख्या बहुत कम थी। अब टेंटों में फिर से किसानों की भीड़ बढ़ गई है। सोमवार से हर दिन किसानों के कई-कई जत्थे पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों से टीकरी बार्डर पर पहुंच रहे हैं।
गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने संसद सत्र शुरू होने पर 29 नवंबर से हर दिन 500 किसानों के साथ संसद भवन तक ट्रैक्टर मार्च निकालने का कार्यक्रम तय किया हुआ है। हालांकि यह ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा या नहीं, इस पर फैसला 27 नवंबर की बैठक में होगा। मगर ट्रैक्टर मार्च को लेकर दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा पुलिस भी अलर्ट हो गई है। एक माह पहले ही किसान संगठनों के साथ बातचीत के बाद दिल्ली पुलिस की तरफ से टीकरी बार्डर पर की गई भारी-भरकम बैरिकेडिंग कम हो चुकी है। अब सिर्फ एक लेयर की ही बैरिकेडिंग है। साथ ही टीकरी बार्डर पर पैदल, दुपहिया वाहन और एंबुलेंस के लिए पांच फुट तक का रास्ता भी खुला हुआ है। मगर वीरवार को टीकरी बार्डर पर दिल्ली पुलिस की हलचल बढ़ी है। ऐसे में यहां पर बैरिकेडिंग को और मजबूत किया जा सकता है। पुलिस ने रास्ता रोकने के लिए ट्रॉले तैयार कर लिए हैं। बार्डर पर पुलिस बल भी बढ़ा दिया गया है।