मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ढांसा बॉर्डर पहुंचे और यहां धरना दे रहे किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों की मांगों को उचित बताया। कृषि कानूनों की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी वाले कानून की मांग का समर्थन किया।
किसानों ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समक्ष अपनी मांगों को दोहराया। जिस पर हुड्डा ने विपक्ष द्वारा सरकार को जोरदार तरीके से घेरने आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह तानाशाही रवैया अपना रही है और किसानों पर तरह तरह के आरोप लगाने के बाद अब उन्हें गाड़िय़ों से कुचला जा रहा है। किसानों के धरने को 10 माह से अधिक समय हो चुका है लेकिन सरकार उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही। आंदोलन की शुरुआत से ही सरकार का रवैया किसानों के प्रति ठीक नहीं रहा। प्रदेश सरकार भी पूरी तरह से विफल साबित हो गई है जो किसानों पर लाठियां चलवा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और देश की जनता चुनाव का इंतजार कर रही है। इस मौके पर वीरेंद्र डागर भाकियू प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली, कपूर सिंह और कृष्ण धनखड़ समेत कई किसान मौजूद रहे।