झज्जर। गांव खातीवास के राजकीय कन्या विद्यालय के विद्यार्थियों के तीन अध्यापक उम्मीद की किरण बने हुए हैं । कक्षा 10वीं 12वीं के कक्षाओं को सुबह व शाम निशुल्क पढ़ाकर छात्रों का भविष्य बनाने का काम कर रहे है।
विद्यालय के इतिहास के अध्यापक हवा सिंह, गणित के अध्यापक यशवीर कादयान और अंग्रेजी की अध्यापिका ललिता सामान्य कक्षाओं में तो अपने विषय पढ़ाते हैं, लेकिन स्कूल समय के बाद भी ये अतिरिक्त कक्षा लगाकर कमजोर विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। कक्षा में कमजोर बच्चों को चिंह्ति करके ये उन्हें कक्षा में पढ़ाते हैं। इस तरह कमजोर बच्चे भी सामान्य बच्चों की तरह कक्षा में पढ़ते हैं और उनके बराबर ही उनका शैक्षिक स्तर हो जाता है। सुबह एक घंटा और स्कूल के बाद भी एक से दो घंटा अतिरिक्त दे रहे हैं।
इन्होंने स्कूल में विशेष व्यवस्था के तहत चार सदन भी बनाए हैं और अनुशासन को प्राथमिकता दी है। विद्यालय में बनाए गए सदनों में सरस्वती सदन, टैगोर सदन , सुभाष सदन व लक्ष्मी सदन शामिल है। सुबह प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को घटनाओं के बारे में बताया जाता है। इस तरह उनका सामान्य ज्ञान बढ़ाया जा रहा है। तीनों शिक्षक निर्धारित समय से आधा घंटा पहले ही स्कूल पहुंच जाते हैं। सामाजिक इतिहास के अध्यापक हवा सिंह ने बताया की बच्चों को इस तरह तैयार करने का काम किया जा रहा है कि वह आगामी कक्षाओं में विभिन्न विषयों में मार नहीं खाएंगे और उनको सभी विषय वस्तु याद करवाई जा रही हैं और उन्हें हर विषय में पारंगत करने के लिए अध्यापक लगातार प्रयासरत है ।
गणित अध्यापक यशवीर कादयान ने स्कूल में जीरो पीरियड की मुहिम शुरू की। इसमें गणित में कमजोर बच्चों की समस्या दूर करते हैं। इसमें कक्षा छह से 12 तक के बच्चों को शामिल किया गया है। अध्यापिका ललिता अंग्रेजी का ज्ञान बच्चों को दे रही है और अंग्रेजी का कठिनाईयों को दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार के उदाहरण देकर छात्रों को समझाया जा रहा है। प्राचार्य अनुराग ने बताया अध्यापक अतिरिक्त कक्षा शुरू करने का प्रस्ताव को मेरे पास लेकर आए तो मैं ने हां भर दी । क्योंकि यह प्रस्ताव छात्र के हितों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है । इतिहास के अध्यापक हवा सिंह ने बताया कि स्कूल में 122 बच्चे हैं पढ़ाई कर रहे है। लेकिन बोर्ड की कक्षा 10वीं व 12वीं के छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त समय देकर पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी कई बच्चें अपने सवाल लेकर उनके पास आते रहते है। उन्होंने बताया कि पहली बार विद्यालय में हाउस सिस्टम को लागू किया गया है जो कि काफी प्रभावी है हाउस सिस्टम के दौरान प्रत्येक परिवार बच्चों के शारीरिक विकास के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन शनिवार को स्कूल परिसर में करवाया जाता है ।