बहादुरगढ़। मां की मौत को एक महीना भी नहीं हुआ था कि बेटे ने भी जहर निगलकर अपनी जान दे दी। जहर निगलने से पहले उसने अपने परिजनों को बताया कि मां की हत्या के मामले में गवाही न देने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा है। इसी वजह से उसे यह कदम उठाना पड़ा। आरोपी गांव का ही युवक है। पुलिस ने सदर थाने में धारा 306 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी की तलाश जारी है।
आत्महत्या करने वाले युवक की पहचान 26 वर्षीय संदीप गांव कुलासी के रूप में हुई है। वीरवार सायं जहरीला पदार्थ निगलने से उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। जब परिजनों को इसका पता लगा तो उन्होंने संदीप को संभाला और शहर के एक निजी अस्पताल में ले गए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर सदर थाने से पुलिस अस्पताल में पहुंची और परिजनों के बयान लिए। परिजनों ने संदीप की मौत के लिए गांव के ही एक युवक को जिम्मेदार ठहराया है। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया और शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
गवाही देने पर दी गई थी धमकी
नरेंद्र ने पुलिस को बताया है कि वीरवार दोपहर वह और उसका चचेरा भाई संदीप किसी काम के सिलसिले में बहादुरगढ़ जा रहे थे। जब कानोंदा-मुकुंदपुर के बीच पहुंचे तो वहां गांव का गोविंद मिला। उसने रास्ता रोका और कहने लगा कि मेरे भाई पवन को कुछ होता है या तुम्हारे परिवार से कोई गवाही देने जाता है तो उसका भी वही हाल होगा, जो तुम्हारी मां का हुआ था। वह शाम को जब वापस घर आए तो संदीप का फोन आया और कहने लगा कि उसने गोविंद के डर-दबाव में गोली खा ली हैं। वह घर पहुंचा, लेकिन देर हो चुकी थी। बता दें कि कुछ दिनों पहले कुलासी गांव में दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था। इसमें गाड़ी की टक्कर से संदीप की मां की जान चली गई थी। गाड़ी चालक पवन पर आरोप था कि उसने जान से मारने की नीयत से टक्कर मारी। इसलिए हत्या का केस दर्ज हुआ था। उसी केस में गवाही न देने का दबाव संदीप पर बनाने की बात सामने आई है।
कुलासी निवासी संदीप की जहर निगलने से मौत हुई है। परिजनों के बयान के आधार पर इस संबंध में संबंधित धारा के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- मनोज कुमार, एसएचओ, थाना सदर, बहादुरगढ़।