बहादुरगढ़। तेंदुए की सूचना पर वन्य प्राणी विभाग की टीम ने लडरावण गांव में रातभर सर्च अभियान चलाया। टीम ने कई गांवों में भी दस्तक दी। लडरावण गांव से सटे दिल्ली के कुतुबगढ़ गांव तक भी टीम पहुंच गई, लेकिन तेंदुए का पता नहीं चला। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान पैरों के निशान भी नहीं मिले।
दरअसल रविवार देर रात को गांव लडरावण में तेंदुआ देखे जाने की खबर फैल गई थी। सोशल मीडिया समेत आसपास के गांवों में भी खबर आग की तरह फैली। ग्रामीणों को आगाह करने के लिए मुनादी तक करवाई गई। मामले की भनक पर सदर थाने से टीम गांव गई। कुछ देर बाद वन्य प्राणी विभाग की टीम ने भी दस्तक दे दी। टीम ने ग्रामीणों से बातचीत की और उस क्षेत्र में गई, जहां तेंदुआ होने की आशंका जताई गई। वहां टीम ने तेंदुए के पैरों के निशान ढूंढने के प्रयास किए, लेकिन कुछ नहीं मिला।
कुलासी सहित आसपास के अन्य गांव और यहां तक कि दिल्ली के गांवों तक टीम ने दस्तक दी, लेकिन कोई ऐसा सुराग नहीं लगा, जिससे तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हो। टीम में शामिल अधिकारियों ने दिल्ली फोरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों से भी बातचीत की। इस दौरान सामने आया कि कुछ दिनों पहले वहां भी इस तरह की खबर फैली थी, लेकिन कुछ मिला नहीं। टीम में शामिल अधिकारियों का कहना है कि जो वीडियो उन तक पहुंचे हैं, उसमें लोगों की बोली दूसरे क्षेत्रों की प्रतीत होती है। तेंदुए जैसा यहां कुछ मिला नहीं है। अधिकारी सतबीर सिंह ने कहा कि सूचना को गंभीरता से लेते हुए सर्च अभियान चलाया गया था। अभी तक ऐसा कुछ नहीं मिला है। फिर भी विभाग नजर बनाए हुए है।