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रेल कॉरिडोर : मुआवजे के लिए एकजुट हुए किसान

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बादली। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के साथ प्रस्तावित रेल कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे को लेकर संबंधित जमीन के मालिक किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई है। एक रेल एक कलेक्टर रेट की मांग को लेकर किसानों ने लगरपुर गांव में पंचायत का आयोजन किया। पंचायत में 10 गांवों के किसान शामिल हुए और उन्होंने सभी गांवों की जमीन का कलेक्टर रेट एक समान करने की मांग उठाई। सर्वसम्मति से फैसला लिया कि एक समान कलेक्टर रेट तय होने पर ही रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू करने दिया जाएगा। पंचायत ने इस संबंध में सरकार और विपक्ष के नेताओं को ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया।
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पलवल-सोनीपत रेल कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे की दरों को लेकर बुधवार को लगरपुर गांव में हुए 10 गांवों के किसानों की पंचायत की अध्यक्षता किसान होशियार सिंह ने की। पंचायत के बाद उन्होंने बताया कि केएमपी एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ प्रस्तावित रेल कॉरिडोर के लिए किसानों की जो जमीन सरकार द्वारा ली जाएगी, उन गांवों में जमीन का कलेक्टर रेट अलग-अलग तय किया गया है। बादली और आसपास की जमीन का कलेक्टर सबसे कम है। पलवल और कुंडली के आसपास कलेक्टर ज्यादा निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में बादली क्षेत्र के किसानों के साथ पक्षपात किया जा रहा है।
होशियार सिंह ने कहा कि बादली क्षेत्र की जमीन उपजाऊ है और दिल्ली सीमा से सटी हुई है। ऐसे में यहां के कलेक्टर रेट भी ज्यादा होने चाहिए। सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। किसानों ने बताया कि केएमपी के निर्माण के दौरान भी एक सामान कलेक्टर रेट जारी किए गए थे। लेकिन अब सरकार ने अलग-अलग कलेक्टर रेट तय कर भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पंचायत में किसानों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि जब तक जमीन के कलेक्टर रेट एक समान नहीं किए जाएंगे वे रेलवे कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू नहीं करने देंगे।
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किसानों ने कहा कि रेलवे कॉरिडोर के लिए टुकड़ों में जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी किया जा रहा है। जबकि सरकार को चाहिए कि एक साथ नोटिफिकेशन जारी करे ताकि सभी किसानों को एक समान कलेक्टर रेट मिल सके। किसानों की पंचायत ने अपनी मांग को लेकर सरकार के साथ-साथ विपक्ष के नेताओं को भी ज्ञापन सौंपने का फैसला लिया। बलबीर, रामफल, कृष्ण, चंद्रभान, शैलेश, रामपत, सुनील, नीटू मास्टर, राज व रिसाल सिंह सहित पंचायत में लगरपुर, देवरखाना, बादली, बुपनियां व दरियापुर के किसान पंचायत में मौजूद रहे।
पंचायत में किसानों ने झज्जर जिले की कृषि भूमि के कलेक्टर रेट नहीं बढ़ाए जाने पर भी रोष जाहिर किया। कहा कि हरियाणा के अधिकतर जिलों में कलेक्टर रेट बढ़ाए गए हैं लेकिन झज्जर जिले के रेट नहीं बढ़ाए गए। ऐसे में सरकार की तरफ से जिले के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है जबकि पूरे झज्जर जिले में जमीन उपजाऊ है और अन्य जिलों के मुकाबले दिल्ली के अधिक निकट है। सरकार को चाहिए कि तुरंत प्रभाव से झज्जर जिले के कलेक्टर रेट बढ़ाए जाए ताकि किसानों को कुछ हद तक राहत मिल सके।
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