झज्जर। जिले में करीब एक लाख हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई होती है, लेकिन अभी भी 40 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई बाकी है। अगर डीएपी की डिमांड को देखा जाए तो अभी भी जिले के किसानों को करीब एक लाख बैग डीएपी की आवश्यकता है। जिले में फिलहाल डीएपी पूरी तरह से खत्म हो चुका है। किसानों को समय पर खाद न मिलने के कारण गेहूं की बिजाई के ऊचित समय 25 नवंबर तक बिजाई का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। वीरवार को 8 हजार डीएपी के बैग भिवानी में लगने वाले रैक से झज्जर को मिलेंगे। गेेहूं की बिजाई प्रभावित न हो इसके लिए डीएपी खाद को अन्य जिलों मे लगने वाले रैक से मंगवाया जा रहा है, लेकिन डीएपी खाद की किल्लत से पार नहीं पाया जा रहा है।
रोहतक में सोमवार को लगे रैक से जिले को आठ हजार बैग मिले थे, वह भी पुलिस की मौजूदगी में बंटवाए गए थे। जिले में गेहूं की बिजाई का रकबा ज्यादा है, लेकिन अब तक डीएपी खाद काफी कम मात्रा में जिले के किसानों को मिल रहा है। पिछले दिनों किसानों के लिए रेवाड़ी के खोरी, सोनीपत, भिवानी व रोहतक में डीएपी खाद के बैग मगंवाए गए हैं, वहीं झज्जर के रेलवे स्टेशन पर लगे रैकों से डीएपी खाद की आपूर्ति हुई है, लेकिन गेहूं के लिए बिजाई के लिए फिलहाल काफी कम डीएपी पहुंच पाया है। अब रेवाड़ी के खोरी में लगने वाले रैक से झज्जर जिले को पांच हजार बैग यूरिया भी शुक्रवार तक पहुंचेगा।
गेहूं की बिजाई के लिए भूमि तैयार कर रहे किसान
अब किसानों को गेहूं की पछेती किस्मों के बीज की बिजाई करनी पडे़गी। वहीं धान की फसल की कटाई कार्य भी अब लगभग पूरा हो चुका है। किसान इस भूूमि को भी गेहूं की बिजाई के लिए तैयार कर रहे हैं।
किसान बोले-दो-दो बैग डीएपी के लिए तरस रहे कृषक
किसानों को समय पर डीएपी नहीं मिल रहा है। इससे उनको बिक्री केंद्रों पर लाइनों में खड़े होकर दो-दो बैग डीएपी के लिए तरसना पड़ रहा है। अपना जरूरी काम छोड़कर किसान या तो सड़कों पर है या फिर डीएपी के लिए लाइनों में खड़ा है।
-रामचंद्र यादव, जिला सचिव, अखिल भारतीय किसान सभा, झज्जर।
किसानों की ओर से गेहूं की बिजाई करीब साठ फीसदी भूमि पर की जा चुकी है। अभी किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। घंटों लाइनों में खड़ा होने के बाद दो कट्टे खाद मिल पा रही है। कई बार तो खाद न मिलने पर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
-जसबीर सिंह, किसान।
खाद की कमी इस बार सरसों की बिजाई के समय से ही हो गई थी। पहले सरसों के लिए खाद नहीं मिला, अब गेहूं की बिजाई के लिए खाद नहीं मिल रहा है। किसान पूरी तरह से परेशान हो चुका है।
- सुनील कादयान।
डीएपी की कमी को लेकर अधिकारी कहते है कि खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। समय पर किसानों को खाद न मिलने से पहले सरसों की बिजाई पूरी नहीं हो पाई और अब गेहूं की बिजाई के लिए किसानों तरसना पड़ रहा है।
- दलजीत सिंह, किसान।
वर्जन
भिवानी में लगने वाले रैक से आठ हजार बैग डीएपी वीरवार की शाम तक झज्जर जिले को मिलेंगे। इसके अलावा यूरिया भी रेवाड़ी के खोरी से शुक्रवार को पहुंचेगी। किसानों को गेहूं की बिजाई को लेकर कृषि विभाग डीएपी लगातार अन्य जिलों में लगने वाले रैक से मंगवा कर पूर्ति की जा रही है।
- इंद्र सिंह, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर।